मनी लॉन्ड्रिंग जांच में ईडी ने सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के 3 ठिकानों पर मारा छापा
पूर्व आईएएस व सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के दिल्ली स्थित 3 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को छापेमारी की। यह छापेमारी उनपर धन शोधन का मामला दर्ज होने के बाद की गई है।
नई दिल्ली, 16 सितंबर। पूर्व आईएएस व सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर के दिल्ली स्थित 3 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को छापेमारी की। यह छापेमारी उनपर धन शोधन का मामला दर्ज होने के बाद की गई है। बता दें कि हर्ष मंदर इस समय अपनी पत्नी के साथ जर्मनी गए हुए हैं और उनकी अनुपस्थिति में यह छापेमारी हुई है। हर्ष मंदर सोनिया गांधी के करीबी माने जाते हैं और पूर्व की यूपीए सरकार में सलाहकार परिषद के सदस्य रह चुके हैं।
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इस पूरे मामले से परिचित लोगों ने कहा कि बाल अधिकारों के लिए राष्ट्रीय संरक्षण आयोग (NCPCR) के निरीक्षम के बाद इस साल फरवरी में दर्ज दिल्ली पुलिस की एफआईआर के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत हर्ष मंदर के खिलाफ जांच शुरू की गई है। एनसीपीसीआर ने जुलाई में दिल्ली उच्च न्यायालय को सूचित किया कि उसने अनियमितताओं का पता लगाने के बाद कार्यकर्ता से जुड़े दो बाल गृहों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
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दो बार घरों उम्मेद अमन घर, जो लड़कों के लिए है और दूसरा खुशी रेन्बो होम जो लड़कियो के लिए है दक्षिण दिल्ली में स्थित है, इन्हें सेंटर फॉर इक्विटी स्टडीज (सीईएस) द्वारा संचालित किया जाता है और सीईएस के हर्ष मंदर निदेशक हैं। ईडी ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर इन बाल गृहों से संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। हर्ष मंदर ने कई पुस्तक भी लिखी हैं और सामाजिक कार्यों के अलावा वह सामाजिक न्याय और मानवाधिकार जैसे विषयों पर समाचार पत्रों में संपादकीय भी लिखते हैं। आयोग की शिकायत पर भारतीय दंड संहिता की धारा 188, किशोर न्याय की धारा 75 और 83 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
हर्ष मंदर दिल्ली हिंसा मामले के पीड़ितों के साथ भी एक याचिकाकर्ता हैं। उन्होंने बयान दिया था कि सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा नहीं रहा, फिर भी हम बीजेपी के नेताओं के खिलाफ कोर्ट जा रहे हैं। उन्होंने अपनी याचिका में भड़काऊ भाषण देने के आरोपी तीन भाजपा नेताओं पर कार्रवाई की मांग की थी।












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