नीरव मोदी-मेहुल चोकसी की 1350 करोड़ रुपए की ज्वेलरी हॉन्गकॉन्ग से लेकर आई ED
नई दिल्ली। भारत के बैंकों को हजारो करोड़ रुपए का चूना लगाकर फरार हीरा व्यापारी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के खिलाफ ईडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हॉन्गकॉन्ग में नीरव मोदी और मेहुल चोकसी का हीरों का बड़ा व्यापार है, ऐसे में ईडी ने यहां दोनों की संपत्ति को जब्त करने का काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने बताया कि ईडी पॉलिश किए हुए हीरे, मोती और ज्वेलरी को हॉन्गकॉन्ग से लेकर आई है, जिसकी कुल कीमत 1350 करोड़ रुपए है और यह नीरव मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनी का हैं। ईडी हॉन्गकॉन्ग से नीरव व मेहुल के 108 कंसाइनमेंट लेकर आई है, इसका कुल वजन तकरीबन 2340 किलोग्राम है, जिसे ईडी आज मुंबई लेकर पहुंची है। इससे पहले ईडी दुबई व हॉन्गकॉन्ग से 33 कंसाइनमेंट ला चुकी है, जिसकी कुल कीमत 137 करोड़ रुपए थी।
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कोर्ट ने दी कुर्की की अनुमति
बता दें कि इससे पहले एक विशेष अदालत ने सोमवार को भगोड़ा हीरा कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति दी थी। अदालत ने भगौड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) की धाराओं के तहत यह आदेश दिया था। महत्पूर्ण बात ये हैं कि एफईओए के प्रभाव में आने के दो साल बाद यह देश का पहला मामला है जिसमें इस कानून के तहत किसी की संपत्ति की कुर्की का आदेश दिया गया है।

कुर्की का आदेश
बता दें भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओए) के तहत कुकीं का पहला आदेश सुनाते हुए सोमवार 8 जून को महाराष्ट्र की एक विशेष अदालत ने कारोबारी नीरव मोदी की परिसंपत्तियों को कुर्क करने की अनुमति प्रदान की हैं विशेष अदालत के जस्टिस वी. सी. बारडे ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मोदी की उन परिसंपत्तियों को कुर्क करने के आदेश दिए हैं जो पीएनबी के पास गिरवी नहीं हैं। भगौड़े नीरव मोदी की परिसंपत्ति को कुर्क के लिए निदेशालय को एक माह का समय दिया गया हैं।

लंदन की जेल में बंद है नीरव
गौरतलब है कि पंजाब नेशनल बैंक के 13 हजार करोड़ रुपए के धोखाधड़ी मामले में आरोपी भगोड़े हीरा व्यवसायी नीरव मोदी का लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में प्रत्यर्पण संबंधी केस की सुनवाई चल रही है। 49 वर्षीय भगोड़ा नीरव मोदी वर्तमान में ब्रिटेन की जेल में बंद हैं। मोदी को वहां मार्च 2019 में लंदन में गिरफ्तार किया गया था। भारत उनके खिलाफ वहां की अदालत में प्रत्यपर्ण की कानूनी लड़ाई लड़ रहा है।जिसमें पिछले दिनों सुनवाई के दौरान नीरव मोदी के वकील ने कहा कि नीरव मोदी वर्तमान समय में गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रसित हैं उनका भारत की जेल में विशेषकर आर्थर रोड जेल में उचित इलाज नहीं हो सकता हैं। जेल की स्थितियों पर भारतीय सरकार का आश्वासन अपर्याप्त हैं ऐसे में उनका भारत को प्रत्यार्पण करना उचित नहीं होगा।












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