रेल बजट 2016: जानिए पत्रकारों के लिए क्या खास है इस बजट में
नयी दिल्ली। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने आज संसद में वर्ष 2016-17 का रेल बजट प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारतीय रेल उपनगरीय और कम दूरी के यात्रियों के लिए हैंड हैल्डी टर्मिनलों के जरिए टिकटों की बिक्री शुरू करना चाहती है। इससे कम से कम बुनियादी ढांचे के साथ कई टिकट बिक्री स्थ ल तैयार किये जा सकते हैं। उन्हों ने कहा कि भारतीय रेल टिकट वेंडिंग मशीनों के जरिए प्लेटफार्म टिकटों की बिक्री भी शुरू करना चाहती है, जिसमें नकद राशि के अलावा क्रेडिट/डेबिट कार्डों से भी भुगतान किया जा सकता है।

बगैर टिकट यात्रा की समस्यां से निपटने के लिए प्रमुख स्टेशनों पर पायलट आधार पर बार कोड वाली टिकटें, स्कैकनर और एक्सेनस कंट्रोल शुरू किये जाएंगे और यात्रियों के लिए निर्बाध यात्रा सुनिश्चित की जाएगी। सुबह के घंटों के दौरान, सेवाओं में सुधार के लिए तत्काल काउंटरों पर सीसीटीवी कवरेज की योजना बनाई जा रही है।
पीआरएस वेबसाइट की सुरक्षा विशेषताओं के आवधिक रूप से थर्ड पार्टी ऑडिट और प्रमाणन की व्य वस्थास करने की भी योजना तैयार की जा रही है। अक्टूबर 2015 में शुरू की गई विकल्पी (वैकल्पिक गाड़ी एकोमोडेशन प्रणाली) योजना का विस्तार किया जाएगा, ताकि प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को निर्दिष्टे गाड़ियों में पसंद का स्थान प्रदान किया जा सके।
पिछले साल घोषित 'ऑपरेशन पांच मिनट' का अनुसरण करते हुए रेल मंत्री ने 1,780 आटोमैटिक टिकट वैंडिंग मशीनें, मोबाइल एप्स और गो इंडिया स्मारर्ट कार्ड की शुरूआत की। गो इंडिया स्माकर्ट कार्ड से यूटीएस और पीआरएस टिकट बिना नकद भुगतान के खरीद सकते हैं।
अनारक्षित और प्लेाटफार्म टिकटें खरीदने के लिए मोबाइल एप शुरू किये गये हैं। ई-टिकटिंग मशीनों की क्षमता को 2000 टिकट प्रति मिनट से बढ़ाकर 7,200 टिकट प्रति मिनट की गई है। इससे एक ही समय पर 1,20,000 उपभोक्ता, इसका उपयोग कर सकते हैं जबकि पहले केवल 40,000 ही कर पाते थे।












Click it and Unblock the Notifications