मेक इन इंडिया का नया कीर्तिमान, DRDO ने सेना के लिए तैयार किया हैवी ड्रॉप सिस्टम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट मेक इन इंडिया प्रोग्राम को एक और बड़ी सफलता मिली है। जिसके तहत डीआरडीओ ने सेना के लिए हैवी ड्रॉप सिस्टम विकसित किया है। अभी तक ये टेक्नोलॉजी अमेरिका, रूस जैसे बड़े देशों के पास थी। इस सिस्टम से भारी से भारी वाहनों और हथियारों को आसानी से युद्ध क्षेत्र में एयर ड्रॉप किया जा सकेगा। इस सिस्टम का दो बार सफल परीक्षण किया जा चुका है।

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    DRDO developed P7 Heavy Drop System, 7 टन के भार को Jet से गिराने में सक्षम | वनइंडिया हिंदी
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    रिपोर्ट के मुताबिक डीआरडीओ ने गुरुवार को अपने P-7 हैवी ड्रॉप सिस्टम का प्रदर्शन किया। इसकी मदद से 7 मीट्रिक टन भारी मशीनरी और उपकरण युद्ध क्षेत्र में पहुंचाए जा सकते हैं। 15 जुलाई को डीआरडीओ, भारतीय सेना, वायुसेना, हवाई वितरण अनुसंधान और विकास प्रतिष्ठान (ADRDE) के विशेषज्ञों की टीम ने IL-76 विमान की मदद से आगरा के मालपुरा ड्रॉपिंग जोन में इस प्रणाली का दो बार सफल परीक्षण किया। इस दौरान विमान ने 600 मीटर की ऊंचाई से भारी मशीनरी को गिराया।

    ADRDE के मुताबिक इस प्रणाली में पांच बडे़ पैराशूट शामिल होते हैं, जो बड़ी मशीनरी और उपकरणों को जमीन पर लाने का काम करते हैं। इस सिस्टम को मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत पूरी तरह से भारत में ही विकसित किया गया है। इसका पहले भी परीक्षण हो चुका है, लेकिन अब सेना को सौंपने से पहले इसका फिर से परीक्षण हुआ। हैवी ड्रॉप सिस्टम का निर्माण एलएंडटी द्वारा किया जा रहा था, जबकि पैराशूट भारतीय आयुध निर्माणी द्वारा डिजाइन किए जा रहे थे।

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