स्वामी जी.. अगर प्रियंका शराब पीती हैं तो क्या आपके नेता नहीं पीते

स्वामी ने कहा था, 'प्रियंका शराब पीती हैं और वह बहुत बदनाम भी हैं। ऐसे में अगर वह नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ती भी तो, हार जातीं।' उन के इस बयान पर जब वनइंडिया हिंदी ने कुछ लोगों की प्रतिक्रिया जानने की कोशिश की तो उनका कहना था कि मोदी जहां एक तरफ रैली करके वोटर्स को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं ऐसे बयान उनके लिए मुसीबत खड़ी कर सकते हैं।
प्रियंका का निजी मामला
मुंबई के नरसी मोंजी कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई करने वाली 26 वर्षीय चारू को यह जानकर काफी हैरानी हुई कि अब देश में वोट के नाम पर नेता महिलाओं की इज्जत करना भी भूलते जा रहे हैं। चारू के मुताबिक यह प्रियंका या किसी और महिला का निजी मामला है और इसमें किसी को भी एतराज नहीं होना चाहिए। कोई अपनी पर्सनल लाइफ में क्या करता है इससे स्वामी को क्या।
चारू के मुताबिक वह या फिर कोई और यह तो देखने नहीं जाता है कि स्वामी या फिर नरेंद्र मोदी रैली के बाद क्या करते हैं या फिर किसके साथ रहते हैं। ऐसे में स्वामी को या फिर किसी और को व्यक्तिगत जिंदगी पर टिप्पणी करने से पहले सोचना चाहिए। चारू के मुताबिक कल को यही नेता देश संभालेंगे तो उनसे भला कैसे उम्मीद की जाए कि वह महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित कर पाएंगे।
स्वामी के पास क्या सुबूत
चारू की ही तरह कोटा में रहने वाली और एक गृहणी रश्मी ने सुब्रहमण्यम स्वामी से पूछा है कि उनके पास क्या सुबूत है कि प्रियंका शराब पीती हैं। क्या कभी उन्होंने देखा है अगर देखा तो फिर पहले सुबूत दें फिर बात करें।
हालांकि रश्मी यह भी कहती हैं कि देश में एक चलन शुरू हो गया है जिसमें किसी भी महिला के खिलाफ कोई भी बयान दे दो सब जायज है। रश्मी ने बताया कि प्रियंका का मुद्दे पर इसलिए सबका ध्यान जा रहा है क्योंकि वह
एक बड़े राजनीतिक परिवार की बेटी हैं। अक्सर नेताओं की ओर से इस तरह के कमेंट्स या फिर बयान दिए जाते हैं जिससे किसी न किसी महिला के सम्मान को ठेस पहुंचती है।
खुद बांटते शराब
माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक महिला ट्विटर यूजर ने स्वामी के बयान के तुरंत बाद ही एक ट्वीट की, जब हमने इस मुद्दे पर उनकी राय लेनी चाहिए तो उन्होंने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि अगर प्रियंका गांधी शराब पीती भी हैं तो उससे स्वामी या फिर किसी और को क्या एतराज हो सकता है। यह नेता भी तो कितने भ्रष्टाचार में लिप्त रहते हैं।
जब चुनाव होते हैं तो यह वोट बैंक के हासिल करने के मकसद से वोटर्स के बीच शराब बांटते नजर आते हैं। ऐसे में सुब्रहमण्यम स्वामी को प्रियंका के बारे में कुछ भी कहने से पहले खुद की ओर देख लेना चाहिए।
बढ़ सकती हैं मुश्किलें
बेंगलूर में रहकर पढ़ाई करने वाली मेघा नंदा उत्तर प्रदेश के लखनऊ से आती हैं। मेघा का कहना है कि पहले ही बीजेपी पर कांग्रेस नरेंद्र मोदी के शपथ पत्र के बाद निशाना साध रहे हैं। ऐसे में अब सुब्रहमण्यम स्वामी का यह बयान उनके लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। मेघा कहती हैं कि प्रियंका वाला बयान देने से पहले स्वामी को यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि वह अपने और मोदी के विरोधियों को एक और मौका दे रह हैं।
ऐसे में अगर वह चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी पूरा बहुमत हासिल कर देश के प्रधानमंत्री बनें तो फिर ऐसे बेतुके बयान देने से पहले थोड़ा सोच लें और फिर कुछ बोलें तो बेहतर होगा।












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