डॉक्टर ने मूत्रवाहिनी की जगह लगाई अपेंडिक्स, बचा ली जान
नई दिल्ली। सिर्फ एक किडनी के साथ पैदा हुए गोलू की जिंदगी हाल ही में खतरे में पड़ गई थी, जब पता चला कि 18 साल के गोलू को किडनी संबंधी एक गंभीर समस्या है। गोलू की मूत्रवाहिनी का एक बड़ा हिस्सा काफी संकरा हो गया है। आपको बता दें कि मूत्रवाहिनी एक पाइप जैसी होती है, जिससे होते हुए मूत्र किडनी से मूत्राशय तक जाता है।

इसका इलाज सिर्फ सर्जरी से ही मुमकिन था। दिल्ली के लोक नायक अस्पताल के डॉक्टरों ने इस मूत्रवाहिनी की समस्या के निजात पाने की लिए काफी रिसर्च की। अंत में उन्हें इस समस्या से निपटने का रास्ता मिल ही गया। एक जटिल सर्जरी के तहत डॉक्टरों ने गोलू के अपेंडिक्स को निकाल कर उसे मूत्रवाहिनी के उस हिस्से पर लगा दिया, जो बहुत संकरा हो चुका था।
आपको बता दें कि अपेंडिक्स एक ट्यूब जैसी संरचना होती है, जो व्यक्ति की आंत से जुड़ी रहती है, जिसके शरीर में होने या न होने से व्यक्ति की जीवनशैली पर कोई फर्क नहीं पड़ता है।
सर्जरी में डायरेक्टर-प्रोफेसर डॉक्टर पवनिंद्र लाल के अनुसार यह प्रक्रिया सिर्फ थ्योरी के तहत पढ़ाई जाती थी, लेकिन यह दुर्लभ स्थिति थी, जब उसका इस्तेमाल करते एक लड़के की जान बचाई गई है। उनके अनुसार गोलू की मूत्रवाहिनी का करीब एक चौथाई हिस्सा खराब होकर अत्यधिक संकरा हो गया था, जिसे काटकर दोबारा मूत्रवाहिनी के सिरों को आपस में जोड़ना नामुमकिन था।
उन्होंने कहा कि इसी समस्या का निदान करने के लिए उन्होंने ऐसी चीज की खोज शुरू की जो ठीक मूत्रवाहिनी जैसा ही हो और मूत्रवाहिनी का खराब हिस्सा काटे जाने के बाद उसकी जगह ले सके। साथ ही उसकी संरचना भी ऐसी ही हो, क्योंकि इसमें खून का प्रवाह भी ठीक से होने जरूरी था। ऐसे में अपेंडिक्स एकदम सही विकल्प था।
यह सर्जरी 29 अगस्त को हुई थी। इसके पहले चरण में डॉक्टरों ने खून की सप्लाई को जारी रखते हुए गोलू की बड़ी आंत से अपेंडिक्स को अलग किया। इसके बाद उन्होंने अपेंडिक्स के बंद छोर को खोलकर एक ट्यूब जैसी संरचना बनाई। उसी दौरान मूत्रवाहिनी के खराब हिस्से को भी काटकर निकाल दिया गया और फिर उसकी जगह अपेंडिक्स को लगा दिया गया।
डॉक्टरों के अनुसार अब गोलू की हालत पहले से बेहतर है और वह तेजी से ठीक हो रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि किसी इंसान की मूत्रवाहिनी की जगह अपेंडिक्स लगाना काफी दुर्लभ है। साथ ही किसी ऐसे इंसान में मूत्रवाहिनी जैसी संरचना पाना भी काफी दुर्लभ है, जो सिर्फ एक किडनी के साथ पैदा हुआ होता है।
गोलू उत्तर प्रदेश के बदायूं में रहने वाले एक किसान का बेटा है। उनसे कहा कि अब वह अपनी स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से आगे बढ़कर अपनी पढ़ाई पर ध्यान केन्द्रित करना चाहता है, ताकि वह अपने माता-पिता के लिए कुछ कर सके।












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