Doctors Day 2021: कौन हैं 'पद्मश्री' से सम्मानित डॉ.गुलेरिया, जो कोरोना से जुड़े हर सवाल का देते हैं जवाब

नई दिल्ली, 01 जुलाई। 'मैंने खुदा को नहीं देखा लेकिन हां मैंने डॉक्टर को देखा है, जो जिंदगी देता है '। कोरोना महामारी के दौरान डॉक्टर्स ने ये बात पूरी तरह से सत्यापित कर दी कि अगर उन्हें ईश्वर का दर्जा दिया जाता है तो वो गलत नहीं है। आज पूरा भारत 'राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस' मना रहा है। पूरी दुनिया के डाक्टर्स को आज हमारा देश सलाम कर रहा है।

कौन हैं डॉ. रणदीप गुलेरिया?

कौन हैं डॉ. रणदीप गुलेरिया?

कोरोना काल में अपने जान की फिक्र ना करके मरीजों की देखभाल करने वाले डॉक्टरों में से एक चिकित्सक का नाम है डॉ. रणदीप गुलेरिया, जो महामारी से जुड़े हर सवाल का जवाब पूरी तसल्ली के साथ हर एक इंसान को देते हैं, चाहे उन पर कितना भी प्रेशर क्यों ना हो लेकिन वो जब भी लोगों के सामने आते हैं, उनके चेहरे पर एक धैर्य नजर आता है और उनकी मुस्कान में लोगों को आशा दिखाई आती है। आपको बता दें कि डॉ. रणदीप गुलेरिया अभी दिल्ली एम्स के निदेशक हैं।

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     'पद्मश्री' से सम्मानित गुलेरिया

    'पद्मश्री' से सम्मानित गुलेरिया

    गुलेरिया को साल 2017 में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्‍स) का डायरेक्टर बनाया गया था। मालूम हो कि डॉ. गुलेरिया साल 1992 से एम्स से जुड़े हैं। वो पहले वहां सहायक प्रोफेसर हुआ करते थे और उसके बाद अप्रैल, 2011 में उन्हें 'पल्मोनरी मेडिसीन एवं स्लीप डिसऑर्डर विभाग' का अध्यक्ष बनाया गया।

    शिक्षा और सम्मान

    गुलेरिया ने सेंट कोलंबिया स्कूल, दिल्ली से शिक्षा ग्रहण की है। साल 2015 में उन्हें भारत सरकार द्वारा देश के चौथे सर्वोच्च भारतीय नागरिक पुरस्कार पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनकी लिखी किताब Till We Win: The Book काफी चर्चित और लोकप्रिय रही है।

    क्यों मनाते हैं डॉक्टर्स डे?

    क्यों मनाते हैं डॉक्टर्स डे?

    राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस देश के महान चिकित्सक और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय की याद में मनाया जाता है। उनका जन्म 1 जुलाई, 1882 को हुआ था और इसी दिन साल 1962 में 80 साल की उम्र में उनका निधन भी हुआ था। साल 1991 में देश में डॉक्टर रॉय को एक महान चिकित्सक के रूप में सम्मान देने के लिए राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

    खास बातें

    खास बातें

    • डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय ने कोलकाता में मेडिकल की शिक्षा ली थी।
    • डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय ने लंदन में एमआरसीपी और एफआरसीएस की उपाधि प्राप्त की।
    • साल 1911 में उन्होंने भारत में चिकित्सक के तौर पर काम करना शुरू किया।
    • डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में व्याख्याता थे।
    • बाद में डॉक्टर बिधान चंद्र रॉय भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य बने।
    • इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री का पदभार संभाला।

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