Ryan School: 17 साल के करियर में प्रद्युम्न मर्डर जैसा केस नहीं देखा- डॉक्टर
गुरुग्राम। रायन इंटनेशनल स्कूल गुरुग्राम में प्रद्युम्न की हत्या के बाद तमाम खुलासा हो रहा है। बता दें कि प्रद्युम्न के शरीर का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने जो विभत्स जानकारी दी है, उसके बारे में जानकर आपका दिल दहल जाएगा। प्रद्युम्न के शरीर का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर दीपक माथुर ने बताया है कि किसी भी हालत में उसकी जान नहीं बचाई जा सकती थी। माथुर ने बताया कि सांस की नली कटने की हालत में किसी भी जान बचाना असंभव है।

डॉक्टर ने कहा जान बचाना नहीं था संभव
डॉक्टर माथुर ने कहा कि प्रद्युम्न की मौत सांस की नली कटने के 60-90 सेकेंड के भीतर ही उसकी मौत हो गई थी। माथुर ने कहा कि ऐसे मामलों में पीड़िता भले अस्पताल में ही क्यों ना हो, उसकी जान बचाना संभव ही नहीं है।
Recommended Video


2 मिनट में हीं हो सकता ऑपरेशन
माथुर ने यह भी कहा कि 2 मिनट के अंदर गले का सर्किल ऑपरेशन हो ही नहीं सकता। इतना ही नहीं माथुर ने यह भी कहा कि ऐसे हालत में अगर खून का बहाव रोकने के लिए गले को अगर किसी चीज से बांधा जाए तो भी कुछ नहीं हो सकता है क्योंकि खून अंदर जमा हो जाएगा और सांस की नली में चला जाएगा।

17 साल के करियर में ऐसा पहली बार...
माथुर ने कहा कि अपने 17 साल के डॉक्टरी के करियर में कई पोस्टमार्टम किए लेकिन इस पोस्टमार्टम ने उन्हें हिला कर रख दिया। उन्होंने कहा कि प्रद्युम्न के साथ क्रूरता की इंतहा पार कर दी गई। 7 साल के बच्चे के साथ कोई इतनी निर्ममता कैसे कर सकता है? माथुर ने कहा यह कोई सामान्य अपराध नहीं है। अमूमन उनके पास जो मामले सामने आते हैं उसमें बच्चों की मौत दम घुटने, गोली मारने और दुर्घटना से होती है।

बेहोश होने लगा प्रद्युम्न
माथुर के अनुसार गला कटने के 60 सेकेंड तक प्रद्युम्न छटपटाता रहा, जिसके बाद वो बेहोश होने लगा। डॉक्टर के अनुसार जब सांस की नली में ऑक्सीजन नहीं जा पता, तो 40-60 सेकेंड के भीतर दम घुटने लगता है जिसके बाद बेहोशी छाने लगती है। अधिकतर मामलों में 90 सेकेंड के भीतर शख्स की मौत हो जाती है। ज्यादा से ज्यादा 120 सेकेंड तक ही ऐसी हालत में जिंदा रह पाता है।












Click it and Unblock the Notifications