जयललिता की बीमारी और विभागों के बंटवारे पर विपक्ष ने उठाया सवाल
चेन्नई। तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर चल रही तमाम तरह की अटकलों के बीच उनके सभी विभाग वित्त मंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम को सौंपे जाने पर विपक्ष ने सवाल उठाया है। राज्यपाल ने हवाला दिया था कि मुख्यमंत्री की सलाह पर विभाग ट्रांसफर किए गए हैं।

डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि ने साल उठाया कि क्या इस संबंध में कोई एडवाइजरी साइन की गई है? साथ यह भी कहा कि जब जयललिता के स्वास्थ्य को लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है, ऐसे में यह कैसे मान लिया जाए कि फैसला उनकी सहमति से हुआ है। करुणानिधि ने कहा कि अस्पताल में जयललिता से नेताओं को मिलने का अवसर आखिर क्यों नहीं दिया जा रहा है?'
राजभवन ने दी जानकारी
राजभवन की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, संविधान की धारा 166 (3) के तहत राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के विभाग वित्त मंत्री पन्नीरसेल्वम को सौंप दिए हैं। अब तक प्रशासनिक सुधार और वित्त मंत्रालय का कार्यभार देख रहे पन्नीरसेल्वम अब कैबिनेट की बैठकों में भी अगुवाई करेंगे।
बयान में कहा गया है कि जब तक मुख्यमंत्री जयललिता पूरी तरह स्वस्थ नहीं हो जातीं, यह व्यवस्था लागू रहेगी। बता दें कि जयललिता का स्वास्थ्य ठीक न होने के बाद उन्हें 22 सितंबर को अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, उनके फेफड़े में इन्फेक्शन है।
हाल जानने अस्पताल पहुंचे नेता
उधर, जयललिता का हाल जानने के लिए तमाम नेता अस्पताल पहुंच रहे हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और वित्त मंत्री अरुण जेटली बुधवार को चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में जयललिता से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद उन्होंने मीडिया से कोई बात नहीं की। बात में उन्होंने ट्वीट करके उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। इसके पहले केरल के राज्यपाल के अलावा कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी जयललिता को देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे।












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