कर्नाटक: डीके शिवकुमार की बढ़ीं मुश्किलें, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका
बेंगलुरु। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को पूर्व जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी किए गए समन को रद्द करने की मांग की थी। कर्नाटक में पार्टी के संकटमोचक कहे जाने वाले डीके शिवकुमार को अब पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होना होगा। बता दें कि कांग्रेस के एक और बड़े नेता पी चिदंबरम पहले ही ईडी की जांच का सामना कर रहे हैं।

कर्नाटक उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने गुरुवार को याचिका को खारिज करते हुए डीके शिवकुमार को पूछताछ के लिए ईडी के सामने पेश होने का आदेश दिया है। बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पिछले साल सितंबर महीने में डीके शिवकुमार और उनके तीन सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में केस दर्ज किया था। उससे पहले आयकर विभाग की छापेमारी में आठ करोड़ से ज्यादा की रकम दिल्ली स्थित उनके ठिकानों से बरामद की गई थी।
ईडी ने नवंबर 2018 को शिवकुमार को नोटिस भी जारी किया। मगर उन्होंने पेश होने से छूट मांगी थी। हालांकि कोई राहत मिलती ना देख वह कर्नाटक हाई कोर्ट पहुंच गए और ईडी के सामने पेशी से छूट मांगी। हाई कोर्ट ने याचिका पर कुछ दिनों के लिए स्टे लगा दिया था। गुरुवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए शिवकुमार की याचिका को खारिज कर दिया।
याचिका खारिज होने के बाद मीडिया से बात करते हुए, शिवकुमार ने कहा, "मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं। मैं अन्य कानूनी विकल्पों की तलाश करूंगा। यहाँ मेरा तर्क यह है कि यह एक आयकर मामला है और प्रवर्तन निदेशालय के दायरे में नहीं है। मैं यहां केंद्रीय एजेंसियों के पक्षपात के बारे में टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं।












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