चीन से विवाद सुलझाने के लिए डिप्लोमैटिक चैनलों का होगा इस्तेमाल
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि जर्मनी के हैम्बर्ग में जी20 समिट के दौरान ब्रिक्स देशों के नेताओं की अनौपचारिक बैठक हुई।
नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच बिगड़ते रिश्ते संभालने की कवायद तेज की गई है। सिक्किम बॉर्डर पर चीन से विवाद खत्म करने और रिश्तों को सुधारने के लिए भारत की ओर से कोशिशें शुरू की गई हैं। भारत की ओर से कहा गया है कि डिप्लोमैटिक चैनलों के जरिए डोकलाम इलाके का विवाद सुलझाने की कोशिश की जाएगी। भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से इस बारे में टिप्पणी की गई है।

कश्मीर पर चीन की मध्यस्थता को लेकर भारत का कड़ा जवाब
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने बताया कि जर्मनी के हैम्बर्ग में जी20 समिट के दौरान ब्रिक्स देशों के नेताओं की अनौपचारिक बैठक हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अलग से बातचीत हुई थी। जिसमें कई मुद्दों पर बात हुई थी। इस बैठक क बाद ही अब दोनों देश डोकलाम के मुद्दे पर डिप्लोमेटिक चैनल का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिसे आगे भी जारी रखे जाने की उम्मीद है। इस दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि हमारी सीमाएं शांतिपूर्ण रही हैं और दूसरे भी इस बात को मानते हैं।
कश्मीर मामले पर मध्यस्थता करने को लेकर चीन की ओर से तैयार रहने वाले बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने टिप्पणी की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गोपाल बागले ने कहा कि भारत की स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट है। द्विपक्षीय ढांचे में जम्मू-कश्मीर समेत सभी मुद्दों पर पाकिस्तान से बातचीत करने के भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि इस मामले के मूल में सीमापार से भारत में फैलाया जा रहा आतंकवाद है और एक खास स्रोत से फैलाए जा रहे आतंकवाद से पूरे क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरा उत्पन्न हो गया है।












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