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क्या मलेशिया की एक मस्जिद से कई देशों में फैला कोरोना वायरस ?

नई दिल्ली- मलेशिया की एक मस्जिद आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। पिछले महीने वहां एक बड़ा कार्यक्रम हुए था। जिसमें हजारों मुसलमान शरीक हुए थे और सैकड़ों लोग दुनिया के अलग-अलग देशों के नागरिक थे। ज्यादातर लोग दक्षिण-पूर्व एशियाई थे। अब ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि उस कार्यक्रम में शामिल हुए ज्यादातर लोग अपने-अपने देश लौटने के बाद कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों के सामने आने के बाद मलेशिया सरकार ने वहां की सारी मस्जिदों को हफ्तों के लिए बंद कर दिया है। लेकिन, अभी तक पूरा आंकड़ा सामने नहीं आ पाया है कि कार्यक्रम में शामिल हुए 16,000 मुस्लिमों में से कितने लोग कोरोना वायरस पॉजिटिव हैं।

मलेशिया की एक मस्जिद से फैला कोरोना वायरस ?

मलेशिया की एक मस्जिद से फैला कोरोना वायरस ?

मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के बाहरी इलाके में स्थित एक मस्जिद में पिछले महीने आयोजित मुसलमानों के एक बड़े कार्यक्रम को दक्षिण-पूर्व एशिया में कोरोना वायरस के संक्रमण का बहुत बड़ा स्रोत माना जा रहा है। न्यूज रिपोर्ट्स के मुताबिक उस कार्यक्रम में शामिल हुए 34 साल के एक मलेशियाई शख्स ने मंगलवार को दम तोड़ दिया। मलेशिया के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर अधम बाबा ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कोरोना वायरस से हुई पहली मौत पेंतालिंग मस्जिद में 27 फरवरी से एक मार्च के बीच हुए कार्यक्रम से जुड़ा है। इस कार्यक्रम में 16,000 लोग शरीक हुए थे, जिनमें 1,500 विदेशी नागरिक थे और ज्यादातर दक्षिण-पूर्व एशियाई नागरिक थे।
(ऊपर की तस्वीर प्रतीकात्मक)

मलेशिया में सबसे ज्यादा केस उसी इवेंट से जुड़े

मलेशिया में सबसे ज्यादा केस उसी इवेंट से जुड़े

सबसे बड़ी बात ये है कि मलेशिया में अभी तक कोरोना वायरस के जो 673 पॉजिटिव केस सामने आए हैं, उनमें वहां के सरकार ही मान रही है कि करीब दो-तिहाई मामले उस दौरान उस मस्जिद में मौजूद रहे लोगों के हैं। हालांकि, अभी तक ये बात सामने नहीं आई है कि उस मस्जिद तक कोरोना वायरस का संक्रमण कहां से पहुंचा। न्यूज एजेंसियों ने जब उस इवेंट में मौजूद रहे कुछ लोगों से बात की तो पता चला कि इस वायरस का संक्रमण कैसे फैला। इस्लामिक मूवमेंट तबलीगी जमात ने उस मस्जिद में उस कार्यक्रम का आयोजन कराया था। जमात की जड़ें सदियों पहले भारत से भी जुड़ी थीं। हालांकि, उसने संबंधित इवेंट के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है।

कुछ भारतीय नागरिक भी उस कार्यक्रम में शामिल थे

कुछ भारतीय नागरिक भी उस कार्यक्रम में शामिल थे

कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद फिलहाल उस मस्जिद को बंद कर दिया गया है। इस इवेंट में शामिल एक इंसान ने बताया कि वह उन दर्जनों लोगों में शामिल हैं, जिन्हें अभी भी क्वारंटाइन करके रखा गया है। जब इस बारे में मस्जिद से बात करने की कोशिश की गई तो वहां भी कोई कॉल नहीं उठा रहा है। बता दें कि हड़कंप इस बात को लेकर मची हुई है क्योंकि इस कार्यक्रम में विश्व भर के कई देशों के लोग शामिल हुए थे, जो शहर के अलग-अलग जगहों पर रुके हुए थे। इसमें शामिल होने वालों में भारत, कनाडा, नाइजीरिया और ऑस्ट्रेलियाई नागरिक भी थे।

चीन या दक्षिण कोरिया से आया कोरोना ?

चीन या दक्षिण कोरिया से आया कोरोना ?

सबसे चिंता की बात तो ये है कि उस कार्यक्रम में चीन और दक्षिण कोरिया के लोग भी मौजूद थे, जहां कोरोना वायरस सबसे ज्यादा कहर मचा चुका है। लेकिन, अब मलेशियाई पीएम का दफ्तर या स्वास्थ्य मंत्रालय उस इवेंट के बारे में कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। जबकि, सोशल मीडिया से पता चलता है कि इवेंट के दौरान मस्जिद में स्थिति कैसी थी। लोग न सिर्फ नमाज के वक्त कंधे से कंधा सटाकर बैठे थे, बल्कि आपस में खाना भी साझा कर रहे थे। लेकिन, कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद अब जाकर दो हफ्तों के लिए सारी मस्जिदें बंद कर दी गई हैं। मलेशिया ने अपनी सीमाएं भी सील कर दी हैं और देश के अंदर सारे स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय भी बंद करा दिए हैं।

मस्जिद में आयोजकों ने बरती बड़ी लापरवाही

मस्जिद में आयोजकों ने बरती बड़ी लापरवाही

इतना तय है कि उस इवेंट में शामिल हुए दक्षिण-पूर्व एशियाई लोगों में संक्रमितों की संख्या रोजना बढ़ती जा रही है। 30 साल के एक कंबोडियाई शख्स का इलाज इस वक्त कंबोडिया के बात्तमबांग प्रांत में चल रहा है। उसमें कोरोना वायरस के संक्रमण की पुष्टि पिछले सोमवार को हुई। उसने बताया कि वहां सब कुछ वैसा ही हुआ, जैसा ऐसे किसी भी आयोजन में होता है। सब एक-दूसरे के साथ थे, मिल-जुल रहे थे, ऐसे में कौन कोरोना पीड़ित था और कौन नहीं अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। न ही आयोजकों की ओर से किसी तरह की सावधानी बरतने जैसे कि हाथ धोने की सलाह नहीं दी गई थी।

जांच पूरी होने पर मच सकता है कोहराम

जांच पूरी होने पर मच सकता है कोहराम

एक और कंबोडियाई नागरिक ने बताया कि अलग-अलग देशों के नागरिकों ने खाते समय या तो अपना प्लेट साझा किया या फिर खाना ही साझा कर रहे थे। ब्रूनेई ने कहा है कि उसके यहां कोविड-19 के कुल 56 केस सामने आए हैं, जिनमें से 50 उस मस्जिद में मौजूद थे। सिंगापुर में 5, कंबोडिया में 13 और थाईलैंड में कम से कम ऐसे दो मामले सामने आए हैं। वियतनाम, फिलीपींस और इंडोनेशिया के 700 लोग वहां मौजूद थे, जिनकी जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। सिंगापुर के एक राजनयिक ने फेसबुक पर लिखा है कि मलेशिया की मस्जिद में हुआ ये आयोजन क्षेत्र में कोरोना संक्रमण के प्रकोप को बढ़ाने का जिम्मेदार है।

मलेशिया में बढ़ सकती संक्रमितों की संख्या

मलेशिया में बढ़ सकती संक्रमितों की संख्या

मलेशियाई के जितने लोग उस इवेंट में पहुंचे थे, उनमें सिर्फ आधे ही जांच के लिए सामने आए हैं। ऐसे में वहां की सरकार को लग रहा है कि मस्जिद के सारे मामले जांच के बाद पॉजिटिव लोगों की तादाद काफी बढ़ सकती है। बता दें कि दुनिया भर में कोरोना के करीब दो लाख मामले सामने आ चुके हैं और लगभग 8 हजार लोगों की जान जा चुकी है। लेकिन, मलेशिया की एक मस्जिद जैसी लापरवाही मलेशिया के साथ-साथ बाकी और देशों का भी संकट बढ़ा रहा है।

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