राम रहीम ने ऐसे बंद किया था अपनी मुंहबोली बेटी हनीप्रीत के पति विश्वास गुप्ता का मुंह!
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नई दिल्ली। वो 1999 में वेलेंटाइन यानी 14 फरवरी का दिन था, जब डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने अपनी बेटी प्रियंका तनेजा की शादी विश्वास गुप्ता से कराई थी। दोनों की शादी सिरसा में काफी सामान्य तरीके से हुए थी, जिसमें दोनों ने फूलों के हार एक दूसरे को पहनाकर शादी कर ली थी। इसके कुछ समय बाद प्रियंका तनेजा को राम रहीम ने अपनी बेटी के रूप में गोद ले लिया, जिसके बाद उसका नाम भी बदलकर हनीप्रीत कर दिया गया। कुछ ही समय बाद हनीप्रीत की फिल्मों के लिए रुचि भी सामने आ गई।

सहायक बनी रही हनीप्रीत
शुक्रवार को हनीप्रीत ही राम रहीम के परिवार की ऐसी सदस्य थी, जो राम रहीम के साथ सीबीआई कोर्ट गई थी, जहां पर राम रहीम को रेप का दोषी ठहराया गया। इसके बाद हनीप्रीत उसके साथ ही हेलिकॉप्टर में बैठकर सहायक की तरह रोहतक जेल भी गई थी। चंडीगढ़ के एक वकील एमएस जोशी ने कहा- शादी के बाद से वह डेरा प्रमुख की एक सहायक के रूप में ही रही। एमएस जोशी ने ही सिरसा में दर दहेज के मामले में विश्वास गुप्ता को जमानत दिलवाई थी।

बाबा के साथ आपत्तिजनक हालत में मिली हनीप्रीत
जोशी ने बताया- विश्वास को बैंकॉक और भारत के कई हिल स्टेशन पर भी हनीप्रीत के साथ ले जाया गया, जहां पर वह राम रहीम के कमरे में रहती थी। मई 2011 को वह राम रहीम को साथ कोडैकनल होटल में रुकी थी। जून में विश्वास ने हनीप्रीत को राम रहीम के साथ डेरा में आपत्तिजनक स्थिति में देखा था। उसके बाद विश्वास को राम रहीन ने बुरी तरह पीटा था और मुंह बंद रखने के लिए कहा था। शादी के 11 साल बाद विश्वास डेरा से निकलकर अपने परिवार के साथ पंचकूला के सेक्टर-15 में चले गए।

विश्वास गुप्ता पर हुआ दहेज मांगने का केस
इसके बाद डेरा के कुछ लोगों ने विश्वास की हर गतिविधि पर नजर रखना शुरू कर दिया, जिनका प्रमुख प्रदीप सिंह नाम का एक शख्स था। हालांकि, बाद में प्रदीप सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। विश्वास अक्टूबर में अपनी सुरक्षा के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट पहुंचे, जहां पर उन्होंने डेरा प्रमुख और हनीप्रीत के बीच अवैध संबंध होने का आरोप लगाया। इसके बाद डेरा ने अपनी चाल चली। हनीप्रीत ने शादी के 11 साल बाद विश्वास पर 2 लाख रुपए का दहेज मांगने का आरोप लगाया। जोशी बोलो कि विश्वास गुप्ता के पास काफी सारी प्रॉपर्टी है और उनके पिता को बहुत से रिटायरमेंट बेनेफिट भी मिलते हैं, फिर वह 2 लाख रुपए क्यों मांगेंगे।

आखिरकार टूटकर हार गए विश्वास गुप्ता
कुछ समय बाद विश्वास के ऊपर गुजरात और राजस्थान में चेक बाउंस होने के मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई। कोर्ट में दी गई विश्वास की याचिका के अनुसार उनकी 11 कनाल की पुस्तैनी जमीन को भी जबरदस्ती डेरा के नाम करवा लिया गया। आखिरकार गुप्ता परिवार डेरा से लड़ते-लड़ते थक गया। इसके बाद विश्वास गुप्ता ने डेरा प्रमुख से माफी मांगी और फिर सभी कोर्ट केस आपसी सहमति से खारिज किए गए। इस समय विश्वास दूसरी शादी कर चुके हैं और हरियाणा के पानीपत में अपने परिवार के साथ एक सुखी जीवन बिता रहे हैं।












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