क्या फ्यूल कंट्रोल स्विच की 'गलत हैंडलिंग' बनी AIR India प्लेन क्रैश की वजह? क्या होता है ये, कैसे करता है काम
Air India Plane Crash: अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के महज 32 सेकंड बाद एयर इंडिया का एक बोइंग 787 ड्रीमलाइनर प्लेन 12 जून 2025 को क्रैश हो गया था। यह विमान लंदन जा रहा था और इसमें कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत हो गई, सिर्फ एक यात्री बच पाया।
अब जो प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सामने आई है, वह प्लेन के कॉकपिट में मौजूद 'फ्यूल कंट्रोल स्विच' को इस भयावह हादसे से जोड़ रही है। लेकिन सवाल उठता है -ये स्विच क्या हैं? और क्या वाकई उनकी 'गलत हैंडलिंग' इतनी खतरनाक हो सकती है? आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं।

Fuel Control Switches: फ्यूल कंट्रोल स्विच आखिर होते क्या हैं?
फ्यूल कंट्रोल स्विच, किसी भी विमान के इंजन में ईंधन की सप्लाई को नियंत्रित करने वाला एक अहम सिस्टम होता है। इसका सही समय पर और सही तरीके से इस्तेमाल बेहद जरूरी होता है। अगर इसमें थोड़ी भी चूक हो जाए, तो इंजन फेल हो सकता है या विमान की उड़ान अस्थिर हो सकती है।
फ्यूल कंट्रोल स्विच प्लेन के इंजन में ईंधन (फ्यूल) के प्रवाह को नियंत्रित करने का काम करते हैं। इनके दो मोड होते हैं...
- RUN (जब इंजन चालू होता है)
- CUTOFF (जब इंजन को बंद किया जाता है)
- आमतौर पर ये स्विच तभी इस्तेमाल किए जाते हैं जब प्लेन टेकऑफ से पहले इंजन स्टार्ट करना हो या लैंडिंग के बाद इंजन को बंद करना हो।
- लेकिन अगर उड़ान के दौरान इन स्विच को RUN से CUTOFF में शिफ्ट कर दिया जाए, तो इंजन को तुरंत फ्यूल मिलना बंद हो जाता है, जिससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है और प्लेन की रफ्तार और पावर पर बड़ा असर पड़ता है।
एयर इंडिया हादसा: शुरुआती रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
एक अंतरराष्ट्रीय एविएशन रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया हादसे की जांच में फ्यूल कंट्रोल स्विच पर खास ध्यान दिया गया है। ब्लैक बॉक्स और वॉइस रिकॉर्डर के डेटा से यह पता चला है कि शायद इन स्विच को गलती से या किसी कारणवश उड़ान के दौरान शिफ्ट किया गया। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि ये गलती से हुआ है या जानबूझकर हुआ या किसी तकनीकी खराबी की वजह से हुआ है।
क्या ये स्विच आसानी से मूव हो सकते हैं?
अब ये सवाल उठता है कि क्या ये स्विच आसानी से मूव हो सकते हैं, तो जवाब है नहीं! ये स्विच थ्रॉटल लीवर के नीचे फ्यूल कंट्रोल मॉड्यूल में लगे होते हैं। इन्हें गलती से हिलाना लगभग नामुमकिन है क्योंकि इनके ऊपर मेटल लॉक होता है जिसे उठाए बिना स्विच बदला नहीं जा सकता।
अगर इंजन में आग लग जाए तो संबंधित स्विच लाल रंग की लाइट से चमकता है, ताकि पायलट को चेतावनी मिल जाए। फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक एक अमेरिकी एविएशन एक्सपर्ट जॉन कॉक्स के मुताबिक, "इन स्विच को यूं ही हल्के से छू देने पर कुछ नहीं होता। इन्हें गलती से ऑन या ऑफ करना बेहद मुश्किल है।"
एयर इंडिया हादसा कैसे हुआ?
विमान टेकऑफ के तुरंत बाद लगभग 650 फीट की ऊंचाई तक गया, फिर तेजी से नीचे गिरने लगा। विमान में आग लग गई और वह पास के इलाके में क्रैश हो गया। प्लेन में मौजूद 242 में से 241 की मौत हुई। इसके अलावा जमीन पर भी कुछ लोगों की जान चली गई, जिससे कुल मौतों की संख्या 260 पहुंच गई है।
अभी तक की जांच में किसी बड़े मैकेनिकल फॉल्ट की पुष्टि नहीं हुई है। कोई ऐसा इमरजेंसी अलर्ट भी नहीं मिला जिससे यह लगे कि विमान पहले से किसी तकनीकी खतरे में था।
एयर इंडिया ने अब तक करीब दो-तिहाई पीड़ित परिवारों को मुआवजा दे दिया है। टाटा संस ने हादसे के तुरंत बाद घोषणा की थी कि हर मृतक के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाएगी। हादसे की जांच भारत की एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो कर रही है। पूरी सच्चाई सामने आने में कई महीने लग सकते हैं क्योंकि हर डेटा और सिस्टम की गहराई से जांच की जा रही है।












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