धर्मशाला बनी हिमाचल की दूसरी राजधानी
वीरभद्र सिंह शीतकालीन प्रवास के दौरान धर्मशाला को राज्य की दूसरी राजधानी बनाने का वादा किया था। धर्मशाला राज्य की दूसरी राजधानी बनने से यहां के लोग बहुत खुश हैं।
शिमला। पड़ोसी राज्य जम्मू कश्मीर की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में अब भी दो राजधानियां होंगी। एक शिमला और दूसरी राजधानी धर्मशाला होगी। जो कि शीतकाल में ही काम करेगी। हालांकि इस बारे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पिछले माह ही घोषणा की थी।
गुरूवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने की घोषणा पर कैबिनेट ने मुहर लगा दी। आज मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिए जाने को मंजूरी मिल गई है।

अब धर्मशाला सचिवालय सामान्य प्रशासन विभाग जीएडी के अधीन होगा। साथ ही सचिवालय में मुख्यमंत्री व केबीनेट मंत्री बैठेंगे। इससे पहले धर्मशाला सचिवालय डीसी ऑफिस के अधीन होता था और जिलाधिकारी ऑफिस ही सचिवालय की देख रेख करता था। लेकिन, अब धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिए जाने के बाद धर्मशाला सचिवालय जीएडी के अधीन होगा।
शहरी विकास एवं आवास मंत्री सुधीर शर्मा ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिए जाने पर कैबिनेट की मुहर लगने के संदर्भ में कहा कि यह निचले क्षेत्र के लोगों को वीरभद्र सरकार का सबसे बड़ा तोहफा है। उन्होंने कहा कि सीएम ने जो घोषणा शीतकालीन प्रवास के दौरान कही थी, उसे अमलीजामा पहना दिया गया है।
वहीं, खाद्य आपूर्ति एवं परिवहन मंत्री जीएस बाली ने धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिए जाने को लेकर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद कांगड़ा के लोगों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि सीएम ने काफी समय पहले धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाए जाने की घोषणा की थी, जिसे आज अमलीजामा पहना दिया गया है।
अब धर्मशाला में सीएम व मंत्री बैठेंगे, जिससे निचले क्षेत्र के लोगों को सुविधा होगी। बता दें कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने अपने शीतकालीन सत्र के पहले चरण में धर्मशाला को दूसरी राजधानी का दर्जा दिए जाने की घोषणा की थी।












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