NEET पेपर लीक के बाद NTA को लेकर अपने बयान पर धर्मेंद्र प्रधान ने मानी गलती

देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करके स्पष्ट किया है कि सरकार छात्रों के हित के लिए प्रतिबद्ध है। वो हमारी प्राथमिकता हैं और छात्रों के हितों से हम कोई समझौता नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने अपनी गलती भी स्वीकार की है कि मैंने नेट को बहुत जल्दी क्लीन चिट दे दी।

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि जिस तरह से एनटीए को धर्मेंद्र प्रधान ने क्लीनचिट दी, उसपर शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह मेरी गलती थी, इसे स्वीकार करने में मुझे कोई गुरेज नहीं है। जब पहली बार यह मामला सामने आया तो हर कोई ग्रेस मार्क होना चाहिए या फिर से परीक्षा होनी चाहिए, इसको लेकर सवाल किया जा रहा था। मैंने 4 जून को ही शपथ ली थी और बतौर मंत्री मेरा पहला दिन था।

dharmendra pradhan

अपनी गलती पर दी सफाई

उसी दिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि री टेस्ट कर लिया जाए। उस वक्त तक मेरे पास किसी विसंगती की जानकारी नहीं है। लेकिन जब मुझे इसकी जानकारी मिली, मैंने बिहार के प्रशासन से बात की, हमारे अधिकारी काम पर लगे, भारत सरकार की अन्य एजेंसियां काम पर लगी। प्रजातंत्र में जो सच है उसे बताना चाहिए। हमे छात्रों और उनके अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।

अगर भ्रम हुआ तो हम स्वीकार करते हैं

अगर हमने कुछ कहा और उसकी वजह से भ्रम हुआ तो उसे स्वीकार करने में मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मैंने अगले ही दिन कहा था कि कोई भी इसके लिए जिम्मेदार हो, कितना भी ताकतवर हो, हम उसे छोड़ेंगे नहीं, हम जीरो एरर पर काम करेंगे। एनटीए एक स्वतंत्र बॉडी है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि वह गैर जिम्मेदाराना हो जाए।

इस विषय में दो विषय सामने आए हैं

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 5 मई को जब परीक्षा हुई थी तो उसके बाद दो प्रमुख विषय सामने आए हैं। कुछ जगहों पर गड़बड़ियों की बात आई है। कुछ जगह पर समय कम मिलने के कारण विद्यार्थियों में आक्रोश था। कुछ लोग कोर्ट पहुंचे, जहां कोर्ट ने कुछ सुझाव दिया, उसके बाद एनटीए ने व्यवस्था की, ग्रेस मार्क की व्यवस्था बनाई गई। उसके ऊपर कुछ छात्र फिर कोर्ट गए।

कोर्ट के आदेश के बाद 1563 छात्रों की फिर से परीक्षा

जिसके बाद कोर्ट के हस्तक्षेप में कहा गया कि एक विकल्प मॉडल लेकर आईए। जिसके बाद 1563 छात्र, जिन्हें कम समय मिला, उनकी फिर से परीक्षा कराने का कोर्ट ने आदेश दिया गया, यह परीक्षा 23 जून को होने जा रही है। इसके बाद एक दो जगहों पर प्रश्न पत्र में विसंगति का मामला सामने आया, कुछ लोगों को पहले ही पेपर मिल गया।

पटना मामले पर कही ये बात

प्रमुख घटना पटना में आई है, इस मामले की जांच हो रही है। पटना पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया है और इसकी जांच की है, इसकी रिपोर्ट भारत सरकार को दी जाएगी, जिसपर हम कार्रवाई करेंगे। किसी भी छात्र के भीतर असंतोष ना हो यह हमारी जिम्मेदारी है।

इस पूरे विषय पर देश की कोर्ट, देश की जनता की निगरानी है। कुछ विषयों को सरकार को मेरिट के आधार पर डील करने की जरूरत है। कुछ विसंगतियां भी आई हैं, जिन्हें ठीक करने की जिम्मेदारी हम लेते हैं।

एनटीए में हो सकता है बदलाव

सरकार उच्च स्तरीय कमेटी का गठन करेगी, जो एनटीए के ढांचे, डेटा सिक्योरिटी आदि पर बारीकी से जांच करेगी और अपने सुझाव देगी। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि मेरी पहली चिंता देश के बच्चों के लिए है, लिहाजा मैं इस मसले पर कोई राजनीतिक बयान नहीं दूंगा, राहुल गांधी ने जो आरोप लगाए हैं, उसपर कुछ नहीं कहना चाहते हैं।

पटना मामले पर होगी कार्रवाई

पटना में हुए पेपर लीक को लेकर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रथम दृष्टया हमें जो जानकारी मिली है, इस सारे विषय में कोई भ्रम नहीं है। पटना पुलिस ने मूल समस्या को पहचान लिया है। उनके सुझाव जल्द भारत सरकार के पास आएगी, जल्द ही उसपर कार्रवाई की जाएगी।

गोधरा मामले पर दी सफाई

गोधरा मामले पर प्रधान ने कहा कि एक अभिभावक और असिस्टेंट सुप्रिटेंडेट के बीच फोन पर बात हुई थी, उसे गुजरात पुलिस ने ही पकड़ लिया। उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, यह चीटिंग का मामला था, जिसे रोकने में सफलता मिली है, यह पेपर लीक का कोई मामला नहीं है।

कैसे मिले रिकॉर्ड अंक

पिछले दिनों में एक्सपर्ट ने हमें जो परामर्श दिया कि परीक्षा के डर को खत्म करना होगा। जिसकी वजह से एनसीईआरटी और सीबीएसई ने अपने सिलेबस को छोटा किया है। पहली बार उस छोटे सिलेबस पर परीक्षा हुई। स्टेट बोर्ड की साझेदारी देशभर में बढ़ी है। हमने 12वीं स्टैंडर्ड के स्टेट बोर्ड को ध्यान में रखते हुए प्रश्नपत्र बनाया गया।

यही वजह है कि ग्रामीण इलाकों, छोटे शहरों और बिना कोचिंग के बच्चे सफल हुए हैं। आज 13 भाषाओं में परीक्षा होती है। भारत के अलावा 14 अन्य खाड़ी देशों में परीक्षा होती है। जब परीक्षाओं को सरल किया जाता है तो गांव के, गरीब घर के बच्चे भी अच्छा करते हैं। यही वजह है कि इस बार मेधावी छात्रों की पराकाष्ठा दिखी है।

मेधावियों की लिस्ट नहीं बदलेगी

मैं देश के सभी विद्यार्थियों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके हितों के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट भी निगरानी कर रहा है। मेधावियों की जो लिस्ट आई है, उसपर भरोसा रखें। आधी से ज्यादा समस्या का समाधान कर दिया गया है, बाकी की समस्याओं को भी जल्द खत्म कर लिया जाएगा। जो मेधावी मेरिट लिस्ट में हैं, उसमे कोई बदलाव नहीं होगा। पेपर लीक को लेकर जल्द ही कानून बनेगा।

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