Indigo Crisis: इंडिगो के CEO को DGCA ने कारण बताओ नोटिस जारी किया, 24 घंटे में मांगा जवाब, दी ये सख्त चेतावनी
Indigo crisis: IndiGo का फ्लाइट की समस्या बीते पांच दिनों से चल रही है, यात्रियों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को देश की सबसे बड़ी घरेलू विमानन कंपनी ने 850 उड़ानें रद्द कर दीं, जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को यह संख्या एक हज़ार से अधिक थी। जिसकी वजह से देश भर के कई एयर पोर्ट पर यात्रियों और उनके लगेज की भारी भीड़ नजर आई।
वहीं शनिवार को रात नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इंडिगो के यात्रियों को इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल होने के कारण हो रही असुविधा के बाद इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह कदम एयरलाइन में एक सप्ताह के परिचालन संकट के बाद उठाया गया, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा और परेशानी हुई। नियामक ने यह नोटिस शनिवार को जारी किया।

यात्रियों को असुविधा और मानसिक तनाव हो रहा
डीजीसीए के नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा है कि इंडिगो की निर्धारित उड़ानें हाल ही में बड़े पैमाने पर बाधित हुई हैं। इसके कारण, यात्रियों को गंभीर असुविधा, कठिनाई और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा है।
इंडिगो सीईओ अपनी ड्यूटी में पूरी तरह विफल रहे
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि सीईओ पीटर एल्बर्स "विश्वसनीय संचालन के लिए समय पर व्यवस्था करने और यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने" के अपने कर्तव्य में "विफल" रहे हैं। नियामक ने इस मामले में एल्बर्स की सीधी जिम्मेदारी मानी है।
24 घंटे के अंदर मांगा है जवाब
डीजीसीए ने एल्बर्स को निर्देश दिया है कि नोटिस मिलने के 24 घंटे के भीतर बताएं कि विमान नियमों और नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं के तहत उनके खिलाफ उचित प्रवर्तन कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
गठित की गई चार सदस्सीय समिति
इस बीच, केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बताया कि डीजीसीए ने इंडिगो एयरलाइंस में हालिया बड़े परिचालन व्यवधानों के कारणों की समीक्षा के लिए चार सदस्यीय समिति गठित की है।यह समिति क्रू प्लानिंग, परिचालन तैयारियों और संशोधित एफडीटीएल (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) मानदंडों के अनुपालन में कमियों का आकलन करेगी। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में ऐसी घटनाओं को टालना है।
टिकट के दाम की सीमा निर्धारित की
सरकार ने इस संकट के बीच हवाई किराए पर नियंत्रण लगाने का भी अहम फैसला लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, लगातार उड़ानें रद्द होने से सीटों की कमी हुई, जिससे कुछ रूट्स पर टिकट की कीमतें अचानक ₹80,000 से ₹90,000 तक पहुँच गईं। अब, सरकार ने तय दूरी के हिसाब से अधिकतम किराए की सीमा निर्धारित कर दी है।
कितना निर्धारित किया गया किराया?
0 से 500 किलोमीटर की उड़ान का अधिकतम किराया ₹7,500 तय किया गया है। 500 से 1,000 किलोमीटर के बीच की उड़ानों के लिए यह सीमा ₹12,000 होगी, जबकि 1,000 से 1,500 किलोमीटर के लिए ₹15,000 निर्धारित की गई है। 1,500 किलोमीटर से अधिक लंबी उड़ानों के लिए अधिकतम किराया ₹18,000 तय किया गया है।












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