बर्ड-हिट की घटनाओं के बाद DGCA सतर्क, सभी एयरपोर्ट्स के लिए जारी की गाइडलाइन
नई दिल्ली, 13 अगस्त: हाल ही में बर्ड-हिट की घटनाओं के बाद विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने घटनाओं के मद्देनजर जांच के लिए देशभर के एयरपोर्ट्स को गाइडलाइन जारी की है। डीजीसीए ने गाइडलाइन में रैंडम पैटर्न में नियमित गश्त करना और जब भी कोई वन्यजीव गतिविधि हो तो पायलटों को सूचित करना शामिल है। दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से पक्षियों के विमानों से टकराने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

एयरपोर्ट ऑपरेटर्स को जानिए डीजीसीए के क्या दिशा-निर्देश दिए हैं, जानिए...
एयरपोर्ट को एक वन्यजीव जोखिम मूल्यांकन (Wildlife Risk Assessment) करना चाहिए और उन्हें विमान से उत्पन्न जोखिम के अनुसार रैंक करना चाहिए। हवाईअड्डों के पास वन्यजीव मूवमेंट डेटा की निगरानी और रिकॉर्ड करने की प्रक्रिया होनी चाहिए। हवाईअड्डे पर और उसके आसपास किसी भी अहम वन्यजीव एकाग्रता या गतिविधि के जवाब में हवाई अड्डों के पास पायलटों को सूचित करने की प्रक्रिया भी होनी चाहिए।
गाइ़़डलाइन में वन्यजीव जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के दौरान नियमित गश्त। साथ ही गश्त नियमित मार्ग के बजाय रैंडम पैटर्न में की जानी चाहिए ताकि वन्यजीव सीख न सकें या गश्त के समय के आदी न हों। एयरपोर्ट संचालकों को निर्देश दिया जाता है कि वे वन्यजीव जोखिम प्रबंधन कार्यक्रम के क्रियान्वयन पर मासिक कार्रवाई रिपोर्ट भेजें और हर महीने की 7 तारीख तक वन्यजीव मूवमेंट के आंकड़े भी उपलब्ध कराएं।
जानिए दो घटनाएं, जिनमें टला बड़ा हादसा
आपको बता दें कि 4 अगस्त को चंडीगढ़ जाने वाली गो फर्स्ट की फ्लाइट पक्षी की चपेट में आकर अहमदाबाद लौट गई। इससे पहले 19 जून को पटना हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद 185 यात्रियों को लेकर स्पाइसजेट के दिल्ली जाने वाले विमान के एक इंजन में आग लग गई और विमान को आपातकालीन लैंडिंग करनी पड़ी। पक्षी के टकराने से इंजन में खराबी आ गई थी।












Click it and Unblock the Notifications