श्रद्धालुओं का आरोप- मानसरोवर झील में पवित्र स्नान से रोक रहा चीन
नई दिल्ली। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए कुछ श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि चीन उन्हें मानसरोवर झील में पवित्र स्नान से रोक रहा है। चीन के प्रशासन ने उन्हें मानसरोवर झील में पवित्र स्नान की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। 8 मई को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ऐलान किया कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नाथूला दर्रा को खोल दिया गया है। इस ऐलान के करीब 20 दिन बाद अब श्रद्धालुओं ने चीनी प्रशासन पर मानसरोवर झील में पवित्र स्नान नहीं करने देने का आरोप लगाया है।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 8 मई को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा था कि मैंने चीनी विदेश मंत्री से बात करते हुए कहा था कि जब तक पीपल-टू-पीपल संबंध नहीं बढ़ेंगे, तब तक दोनों सरकारों के बीच रिश्ते समृद्ध नहीं हो सकते। मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि कैलाश मानसरोवर यात्रा अब शुरू हो चुकी है। यात्रा के लिए नाथूला दर्रा खोल दिया गया है।
सुषमा स्वराज ने उस समय कहा कि इस साल करीब 1580 तीर्थयात्री कैलाश मानसरोवर की यात्रा कर पाएंगे, जिसमें 18 बैच में 60 श्रद्धालुओं को लिपुलेख दर्रा मार्ग से और 10 बैच में 50 यात्रियों को नाथू ला पास से होकर भेजा जाएगा। सुषमा स्वराज पिछले माह शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (एससीओ) में शामिल होने के लिए बीजिंग थीं, जहां उन्होंने चीन के विदेश मंत्री वांग ई से मुलाकात की थीं। उस दौरान दोनों ही देशों ने कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति जताई थी। पिछले साल डोकलाम गतिरोध के बाद चीन ने कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी थी।












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