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देवेगौड़ा- हमारे सैनिकों ने गालवान घाटी में जान क्यों गंवाई? पीएम को सीमा मुद्दे पर एक स्पष्ट तस्वीर पेश करनी चाहिए

देवेगौड़ा- हमारे सैनिकों ने गालवान घाटी में जान क्यों गंवाई? पीएम को सीमा मुद्दे पर राष्ट्र को एक स्पष्ट तस्वीर पेश करनी चाहिए

बेंगलुरु। चीन के साथ एलएसी पर जिस तरह से तनाव बढ़ रहा है, उसकी वजह से माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने मंगलवार को गालवान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प को 'परेशान' करने वाला करार दिया और कहा कि सरकार को सीमा मुद्दे पर राष्ट्र को स्पष्ट तस्वीर पेश करनी चाहिए। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान भारतीय सैनिकों ने कैसे अपनी जान गंवाई? देवगौड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को इसके संबंध में स्‍पष्‍ठ तस्‍वीर पेश करनी चाहिए।

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उन्‍होंने लिखा कि "#GalwanValley से आने वाली रिपोर्ट परेशान कर रही है। डी-एस्केलेशन प्रक्रिया के दौरान हमारे सैनिकों ने अपनी जान क्यों गंवाई? राष्ट्रीय हित में, पीएम और रक्षामंत्री को चीन के साथ सीमा मुद्दे पर राष्ट्र को एक स्पष्ट तस्वीर पेश करनी चाहिए।

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गौड़ा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि सोमवार की रात पूर्वी लद्दाख की गैलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ टकराव के दौरान एक भारतीय सेना के अधिकारी और दो सैनिकों की मौत हो गई, जो पिछले 45 वर्षों में कभी नहीं हुआ। उन्‍होंने लिखा कि बीती रात हुई घटना ने पिछले पांच-सप्ताह से हो लद्दाख सीमा पर हो रहे तनाव को दर्शाया हैं। सेना ने कहा कि भारत ने हिंसक आमना-सामना के दौरान एक अधिकारी और दो सैनिकों को खो दिया, जबकि चीन की तरफ से भी हताहत हुए।

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बता दें कि चीन और भारत के बीच एलएसी पर तनाव काफी बढ़ गया है। दोनो देशों की सेना के बीच बीती रात हुई झड़प में दोनों ओर के कई जवान मारे गए हैं, जबकि कई जवान घायल हुए हैं। भारतीय सेना की ओर से बताया गया है कि हिंसक झड़प में दो जवान और एक कर्नल रैंक के अधिकारी शहीद हुए हैं, जबकि चीन की सेना के भी कुछ जवान इसमे घायल हुए हैं। वहीं ग्लोबल टाइम्स की खबर के अनुसार इस झड़प में चीन के 5 जवान मारे गए हैं, जबकि 11 जवान घायल हुए हैं।

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बता दें कि भारत चीन के बीच इससे पहले 1975 में हिंसक झड़प हुई थी। 1975 के बाद पहली बार एलएसी पर भारत के जवान शहीद हुए हैं। इस बीच रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के तीनों प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के साथ बैठक की। बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर भी मौजूद थे। तनाव को देखते हुए सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने पठानकोट मिलिट्री स्टेशन का अपना दौरा रद्द कर दिया है।

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