Demonetisation: बोले PM मोदी- 'नोटबंदी से काले धन को कम करने में मदद मिली'
नई दिल्ली। 'नोटबंदी' (Demonetisation) को आज चार साल पूरे हो गए हैं, इस खास मौके पर पीएम मोदी ने ट्वीट करके 'नोटंबदी' के फैसले को सही बताया है, अपने Tweet में पीएम मोदी ने कहा कि 'नोटबंदी' ने काले धन को कम करने में, टैक्स के अनुपालन और औपचारिकता में वृद्धि करने व पारदर्शिता को बढ़ाने में मदद की है। जहां पीएम मोदी और भाजपा ने 'नोटबंदी' को सकारात्मक कदम बताया है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने 'नोटबंदी' को राष्ट्रीय त्रासदी बता डाला है।

आज सुबह राहुल गांधी ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने 'नोटबंदी' को हिंदुस्तान के गरीब, किसान, मजदूर और छोटे दुकानदारों पर आक्रमण बताया है, उन्होंने कहा कि ये गलती हुई नहीं, जानबूझकर की गई थी, राहुल गांधी ने 'नोटबंदी' को 'राष्ट्रीय त्रासदी' बताते हुए लोगों से अपनी आवाज बुलंद करने की बात कही है।
'नोटबंदी से अर्थव्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने में मदद मिली'
जिस पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि 'नोटबंदी' से देश की अर्थव्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने में मदद मिली, इसके कारण अर्थव्यवस्था औपचारिक रूप से मजबूत हुई और बड़ी संख्या में गरीबों की मदद की गई लेकिन कुछ लोगों के ये बात समझ नहीं आएगी क्योंकि 'नोटबंदी' की वजह से उनके विदेशों में फंसे अवैध काले निवेश सबके सामने आ गए, उनसे (कांग्रेस) साफ-सुथरी चीजें बर्दाश्त नहीं हो रही हैं, उनके पास कहने के लिए कुछ है ही नहीं इसलिए वो बातों को तोड़-मरोड़ को पेश करते हैं और गलत संदेश देते हैं, जैसा कि उन्होंने आज 'नोटबंदी' पर किया है।

मालूम हो कि 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन में अचानक से रात 12 बजे के बाद से 500 और 1000 रुपये के नोटों को खत्म करने का ऐलान किया था, मालूम हो कि 'नोटबंदी' का सही अर्थ 'विमुद्रीकरण' होता है। 'विमुद्रीकरण' के बाद उस मुद्रा की कुछ कीमत नहीं रह जाती है, उससे किसी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं की जा सकती है, मोदी सरकार के इस फैसले का कांग्रेस समेत कई विरोधी दलों ने उस समय काफी विरोध किया था, वो आज भी मोदी सरकार के इस फैसले को गलत और आम जनता के साथ अन्याय मानते हैं और यही वजह है कि 'नोटबंदी' के 4 साल पूरे होने पर कांग्रेस ने आज फिर से मोदी सरकार को घेरा है।












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