स्टिंग से खुलासा पूर्व नियोजित था बाबरी मजिस्‍द को गिराना

Babri masjid.BJP
नई दिल्‍ली। शुक्रवार को एक स्टिंग ऑपरेशन के तहत बाबरी मस्जिद कांड से जुड़े एक सच का खुलासा हुआ। इस स्टिंग में 23 अहम लोगों से बातचीत कर इस बात का दावा किया गया है कि छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिराने के साथ जिस राम जन्‍मभूमि आंदोलन की शुरुआत हुई थी, वह पूर्वनियोजित था।

कोबरा पोस्‍ट की ओर से कराए गए इस स्टिंग के मुताबिक इस पूरे आंदोलन की योजना संघ परिवार की ओर से तैयार की गई थी और फिर प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की ओर से इसे अंजाम दिया गया था। जैसा की दावा किया जा रहा था कि 16वीं सदी की बाबरी मस्जिद इसलिए गिरी क्‍योंकि उस समय मौके पर मौजूद भीड़ बेकाबू हो गई थी।

उधर बीजेपी ने चुनाव आयोग से इस स्टिंग पर रोक लगाने की मांग की है। उसका कहना है कि देश में चुनावों का माहौल खराब करने के मकसद से इस स्टिंग को रिलीज किया गया है।

स्टिंग का दावा है कि राम जन्‍मभूमि आंदोलन में शामिल अहम लोगों की ओर से दिए गए बयानों के आधार पर यह बात साबित होती है। इस स्टिंग के मुताबिक साक्षी महाराज, आचार्य धर्मेंद्र, उमा भारती, महंत वेदांती, विनय कटियार के बयानों पर अगर भरोसा करें तो बीजेपी के शीर्ष नेता जैसे लाल कृष्‍ण आडवाणी और उस समय उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री कल्‍याण सिंह और साथ पूर्व कांग्रेस प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्‍हा राव को इस बात की जानकारी थी कि बाबरी मस्जिद गिराई जाएगी।

यहां हम आपको बता दें कि वनइंडिया हिन्‍दी को अभी तक स्‍वतंत्रतौर पर इन दावों की पुष्टि हासिल नहीं हुई कि जो भी बातें स्टिंग में कहीं गई हैं वही सही हैं या नहीं।

कोबरा पोस्‍ट के वरिष्‍ठ पत्रकार ने खुद को एक ऐसे लेखक के तौर पर प्रस्‍तुत किया था जो अयोध्‍या के आंदोलन पर एक पुस्‍तक लिख रहे हैं। इस दौरान उन्‍होंने उत्‍तर प्रदेश के अयोध्‍या, फैजाबाद, टांडा, लखनऊ, गोरखपुर, मथुरा जिलों के साथ ही जयपुर, औरंगाबाद, मुंबर्द और ग्‍वॉलियर जैसी जगहों का दौरा किया। यहां पर उन्‍होंने 23 ऐसे लोगों से बात की जो इस आंदोलन का हिस्‍सा रहे थे। साथ ही सबकी बातचीत को अलग-अलग रिकॉर्ड किया।

इन सभी लोगों के दावों के मुताबिक रामजन्‍मभूमि से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं के मुताबिक जून 1992 में तक 'ऑपरेशन जन्‍मभूमि' की योजना चुपचाप और गुप्‍त तरीके से बनाई गई थी और फिर से मिलिट्री की मौजूदगी के बीच ही अंजाम दिया गया। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को इसके लिए 32 दिनों का प्रशिक्षण दिया गया था और जगह पर हथियारों को पहुंचाया गया था। इसके साथ ही एक बड़ी भीड़ के बीच प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं ने विवादित ढांचे को गिराना शुरू कर दिया।

इस स्टिंग के मुताबिक कल्‍याण सिंह को जब विवादित ढांचे को गिराए जाने की खबर मिली तो उन्‍होंने ने छह दिसंबर की सुबह ही इस्‍तीफा देने का मन बना लिया था लेकिन वरिष्‍ठ नेताओं एचवी शेषाद्री और मुरली मनोहर जोशी ने उनके बातचीत की। स्टिंग में एक और चौंकाने वाली बात का खुलासा किया गया है कि वीएचपी की ओर से 38 लोगों को लक्ष्‍मण सेना बनाने का आदेश दिया गया था।

सिर्फ इतना ही शिवसेना की ओर से प्‍लान बी भी तैयार कर लिया गया था जिसके तहत बाबरी मस्जिद को डायनामाइट से उड़ाने की योजना थी और आखिर में पेट्रोल बम से भी इसे उड़ाने की योजना तैयार की गई थी।

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