बोले वैंकेया- कांग्रेस को आलोचना करने का अधिकार नहीं, उनके राज में कतरे गए थे लोगों के अधिकार
केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता वैंकेया नायडू ने कहा है कि कांग्रेस ने प्रेस पर सेंसरशिप लगाया था।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्र सरकार में सूचना एवं प्रसारण मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि आज के समय की तरह लोकतंत्र कभी जीवंत नहीं रहा है। हर क्षेत्र के लोगों को लगता है कि उन्हें सरकार से किसी मुद्दे पर कुछ कहना है।
नायडू ने कहा कि इमरजेंसी के समय विपक्ष सलाखों के पीछे भेज दिया गया था, अधिकारों को रौंद डाला गया था। इतना ही उस दौरान नागरिक स्वतंत्रता में कटौती की गई साथ ही मीडिया पर सेंसरशिप लगाई गई थी।

इमरजेंसी का जिक्र करते हए नायडू ने कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी को अप्रत्यक्ष रूप से निशाने पर लेते हुए कहा कि वो पार्टी लोकतंत्र और मूलभूत अधिकारों की बात कर रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य दर राज्य हारने के कारण कांग्रेस पार्टी हताश हो चुकी है।
कार्टून आर्टिस्ट को भेज दिया था सलाखों के पीछे
नायडू ने कहा कि वो लोग जो टीवी चैनलों पर बैन लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं उन्होंने ही एक आर्टिस्ट को उसके कार्टून के लिए सलाखों के पीछे भेज दिया।
उन्होंने कहा कि UPA शासनकाल के दौरान 21 चैनलों पर बैन लगाए गए थे कुछ इसलिए बैन किए गए थे जो मिडनाइट मसाला प्रसारित कर रहे थे।
नायडू ने कहा कि कांग्रेस को आलोचना करने का कोई भी अधिकार नहीं है। अगर वो उंगली उठाएंगे तो उन पर भी उठेगी। इमरजेंसी के दौरान उन्होंने प्रेस और नागरिक अधिकारों में कटौती की।
अब है आजादी
उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी किसी पीएम को खून का दलाल नहीं कहा। इस तरह की आजादी अब लोगो को है।
गौरतलब है कि आगामी 9 नवंबर को एनडीटीवी इंडिया को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ऑफएयर रहने का आदेश दिया है। जिसका काफी विरोध हो रहा है।












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