NEET खत्म करने की मांग, तमिलनाडु में मंत्रियों ने की भूख हड़ताल, जानिए पूरा मामला
तमिलनाडु में सत्तारूढ़ डीएमके ने एनईईटी उम्मीदवारों द्वारा परीक्षा में सफल होने के बाद अपनी जीवन लीला समाप्त करने के बाद एनईईटी परीक्षा को खत्म करने की मांग करते हुए एक दिन की भूख हड़ताल की।
NEET Exam protest: तमिलनाडु में नीट में असफल हुए छात्र और उसके पिता की आत्महत्या के बाद NEET परीक्षा का विरोध शुरू हो चुका है। सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके मंत्रियों ने एक्स (ट्विटर) पर मंत्री उदयनिधि ने तमिलनाडु को एनईईटी परीक्षा से छूट नहीं देने के लिए केंद्र की निंदा की है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में कथित तौर पर एनईईटी को लेकर आत्महत्या करने वाले युवा छात्रा की मौत का कारण ये परीक्षा ही है।
नीट परीक्षा के विरोध में दविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने राष्ट्रव्यापी हड़ताल शुरू की है। इस भूख हड़ताल का नेतृत्व राज्य मंत्री और द्रमुक की युवा शाखा के अध्यक्ष उदयनिधि स्टालिन कर रहे हैं। मंत्री उदयनिधि के साथ उनके कैबिनेट सहयोगी और वरिष्ठ द्रमुक नेता व कृषि मंत्री दुरईमुरुगन, बंदोबस्ती विभाग के मंत्री पीके शेखर बाबू, स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम भी विरोध में शामिल हो रहे हैं।

राज्यपाल ने क्यों लौटाया एंटी-नीट बिल?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू लिखे पत्र में तमिलनाडु सरकार ने अंडरग्रेजुएट मेडिकल डिग्री पाठ्यक्रम विधेयक, 2021 को मंजूरी देने का आग्रह किया था। सरकार ने कहा कि नीट में असफलता के बाद दुर्भाग्यपूर्ण परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे में डीएमके सरकार ने राष्ट्रपति से विधेयक पर तुरंत मंजूरी दे की मांग की थी। वहीं इससे पहले राज्यपाल ने एंटी नीट बिल बिना अनुमति के वापस कर दिया था। उन्होंने कहा कि एक मिथक फैलाया जा रहा है कि केवल कोचिंग केंद्रों की सेवाओं का उपयोग करने वाले ही मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास कर सकते हैं। राज्यपाल आरएन रवि ने कहा कि राष्ट्रीय प्रवेश-सह-पात्रता परीक्षा (नीट) के बिना उपलब्धियां भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं हैं और यह परीक्षा जारी रहेगी।
डीएके सरकार ने शुरू किया विरोध
तमिलनाडु में DMK ने NEET के खिलाफ विरोध शुरू कर दिया है। नीट विरोधी विधेयक को मंजूरी नहीं देने पर केंद्र सरकार और राज्यपाल की निंदा करने के लिए डीएमके सरकार के मंत्री भूख हड़ताल पर बैठे हैं।












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