Delhi Violence: नफरत भरे मैसेज भेजने वालों पर पुलिस रख रही है नजर
नई दिल्ली। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में दंगों के बाद जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है। शनिवार सुबह मौजपुर और जाफराबाद में लोग सड़कों पर निकले। हालांकि पुलिस अभी भी इन इलाकों में भारी तादाद में तैनात है। इलाकों में अभी भी धारा 144 लागू है। वहीं दिल्ली सरकार के सूत्रों से जानकारी मिल रही है कि हिंसा के बाद राजधानी में नफरत से जुड़ी सामग्रियां (Whatsapp, facebook पर मैसेज) काफी ज्यादा फैलाई जा रही हैं। अगर किसी को ऐसा मैसेज मिलता है तो इसके बारे में दिल्ली सरकार को सूचना दें। दिल्ली सरकार ऐसे मामलों को पुलिस को सौंपेगी। शिकायतों के लिए दिल्ली सरकार एक Whatsapp नंबर भी जारी करेगी। आपको बता दें कि दिल्ली पुलिस शांति बहाली के लिए प्रभावित इलाकों में अमन कमेटी की मीटिंग करवा रही है। पुलिस की नजर सोशल मीडिया के मैसेज पर है।

सामान्य हो रही है स्थिति
हिंसा से प्रभावित मौजपुर में स्थिति तेजी से सामान्य हो रही है। शनिवार सुबह ट्रैफिक मूवमेंट लगभग सामान्य थी। रेड लाइट पर गाड़ियों की कतारें थी, लोग दफ्तर के लिए निकल रहे थे। दुकानें भी खुलने लगी हैं। दवा दुकानों के खुलने का लोगों को इंतजार था। अब इलाके के मेडिकल स्टोर्स भी खुल गए हैं।
हिंसा पीड़ितों को आज से मुआवजा देगी दिल्ली सरकार
दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने आज से हिंसा पीड़ितों की मदद के लिए मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने देश के प्रमुख अखबारों में एक फॉर्म प्रकाशित किया है। इस फॉर्म को भरकर केजरीवाल सरकार से मदद का दावा किया जा सकता है। आपको बता दें कि दिल्ली सरकार के ऐलान के मुताबिक व्यस्क मृतकों को 10 लाख रुपये की मदद दी जाएगी। इसमें से एक लाख रुपये तुरंत दिए जाएंगे और 9 लाख रुपये की राशि कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद दी जाएगी।
मृतक नाबालिग को 5 लाख रुपये देने का ऐलान किया गया है। अगर इस हिंसा में किसी को स्थाई रूप से चोट पहुंची है तो उसे 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। गंभीर चोट से पीड़ित के लिए 2 लाख का ऐलान किया गया है। मामूली चोट के लिए 20 हजार रुपये, अनाथ के लिए 3 लाख रुपये की घोषणा की गई है। जानवर की क्षति के लिए 5000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। साधारण रिक्शा के लिए 25000 रुपये और ई रिक्शा के लिए 50000 रुपये देने की घोषणा की गई है।












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