हवा में ही घुला ज़हर, सांस कहां से लें?

धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव
Getty Images
धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव

दिल्ली दो दिन से एयरलॉक की गिरफ्त में है. ये वो स्थिति होती है जब वायुमंडल में हवा नहीं होती. यही वजह है कि आपको हर तरफ धुंध ही धुंध दिखाई दे रही है.

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर ख़तरे के निशान को पार कर चुका है. हालात इतने खराब हैं कि यहां स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

प्रदूषण का स्तर ख़तरनाक

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के मुताबिक दिल्ली में फिलहाल 'हेल्थ इमरजेंसी' जैसे हालात हैं.

दरअसल आपके आसपास जो दिखाई दे रहा है वो कोहरा है जो धुंध के साथ घुल कर हम सबके लिए ज़हर बन गया है. इसको स्मॉग कहते हैं.

हवा में प्रदूषण का पता एयर क्वालिटी इंडेक्स से चलता है.

प्रदूषण मापने का पैमाना

एयर क्वालिटी इंडेक्स को मापने के कई पैमाने हैं. इनमें से जो सबसे ज़्यादा प्रचलित है वो है हवा में PM 2.5 और PM 10 का पता लगाना.

PM का मतलब है पार्टिकुलेट मैटर यानी हवा में मौजूद छोटे कण.

PM 2.5 या PM 10 हवा में कण के साइज़ को बताता है.

आम तौर पर हमारे शरीर के बाल PM 50 के साइज़ के होतें है. इससे आसानी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि PM 2.5 कितने छोटे होते होंगें.

2015 में भारत में प्रदूषण से हुईं 25 लाख मौतें

24 घंटे में हवा में PM 2.5 की मात्रा 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर होनी चाहिए, और PM 10 की मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर.

धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव
Getty Images
धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव

इससे ज़्यादा होने पर स्तिथि ख़तरनाक मानी जाती है. इन दिनों दोनों कणों की मात्रा हवा में कई गुना ज़्यादा है.

हवा में मौजूद यही कण हवा के साथ हमारे शरीर में प्रवेश कर खून में घुल जाते है. इससे शरीर में कई तरह की बीमारी जैसे अस्थमा और सांसों की दिक्कत हो सकती है.

बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बूढ़ों के लिए ये स्तिथि ज़्यादा ख़तरनाक होती है.

धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव
Getty Images
धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव

मेडिकल जर्नल लांसेट की रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में प्रदूषण से दुनिया में 90 लाख लोग मारे गए. ये संख्या एड्स, टीबी और मलेरिया से होने वाले मौतों से भी ज़्यादा है.

इसलिए डॉक्टर ऐसे मौसम में बाहर टहलने से लेकर खेलने कूदने और बाकी आउटडोर व्यायाम करने से मना करते हैं.

'दिल्ली में हर आदमी सिगरेट पी रहा है'

ताज़ा हालात को देखते हुए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार से गुज़ारिश की है कि आने वाले 19 नवंबर को दिल्ली में होने वाले मैराथन को स्थगित कर दिया जाए.

धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव
Getty Images
धुंध, स्मॉग, दिल्ली, प्रदूषण, मौसम, बीमारियां, अस्थमा, डॉक्टर, बचाव

क्या करें,क्या न करें

दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल के मुताबिक प्रदूषण से बचने के लिए हमें पांच बातों का ख़्याल रखना चाहिए.

  • अपने आस-पड़ोस में धूल-मिट्टी न उड़ने दें.
  • पत्ते, अगरबत्ती, काग़ज और किसी भी तरह का कचरा जलाने से पहले जरूर सोचें.
  • अपने आस पास के इलाके में प्रदूषण स्तर मालूम कर घर से बाहर निकलें.
  • अगर आप अस्थमा के मरीज़ हैं तो डॉक्टर से सलाह लें.
  • मास्क पहनने के पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

N-95 और N-99 मास्क का ही इस्तेमाल करें. सस्ते मास्क लगाने से कोई फायदा नहीं होता.

इस आपातकाल जैसी स्तिथि से कैसे निपटा जाए? सेंटर फॉर साइंस से जुड़ी अनुमिता रॉय चौधरी का मानना है कि सरकार को दो तरह के कदम उठाने की ज़रूरत है.

एक है इमरजेंसी उपाय, जिसे सरकार को तुंरत अमल में लाने की ज़रूरत है. जैसे पॉवर प्लांट बंद करना, स्कूल बंद करना, डीज़ल जेनरेटर पर रोक, पार्किंग फ़ीस में बढ़ोतरी और ज़्यादा से ज़्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने के लिए इंतजाम करना.

लेकिन इसके साथ ही सरकार को एक समग्र प्लान तैयार करने की जरूरत है ताकि वर्तमान आपताकाल जैसी स्तिथि न आने पाए.

जानकारों का मानना है कि प्रदूषण अब पर्यावरण से जुड़ी समस्या नहीं है. यह एक गंभीर बीमारी है.

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+