2023 तक यूरोपीय शहरों की तरह चमकेंगी दिल्ली की सड़कें, केजरीवाल सरकार ने उठाया ये अहम कदम
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने वादा किया था कि राजधानी की सड़कें भी अमेरिका की तरह होनी चाहिए। ये बात काफी समय पहले की है, लेकिन अब केजरीवाल सरकार ने उस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 540 किलोमीटर लंबी सड़कों को यूरोपियन शहरों की तर्ज पर खूबसूरत बनाने को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग (PWD) में कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया है।

2023 तक पूरा हो जाएगा सड़कों के सौंदर्यीकरण का काम
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कंसल्टेंट को जल्द से जल्द डिटेल प्लान बना कर सौंपने का निर्देश दिया गया है। साथ ही फरवरी 2021 तक डीपीआर बना कर देने का निर्देश दिया गया है, ताकि जून 2021 तक हर हाल में सड़कों को खूबसूरत बनाने का काम शुरू हो सके और 2023 की शुरूआत में इन सड़कों के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया है। 540 किलोमीटर लंबी उन सड़कों का यूरोपियन तर्ज पर सौंदर्यीकरण किया जाना है, जिनकी चौड़ाई 100 फीट है। सीएम अरविंद केजरीवाल ने यह निर्देश आज दिल्ली सचिवालय पीडब्ल्यूडी मंत्री सतेंद्र जैन और विभाग के अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिया है।
जल्द शुरू होगी टेंडर की प्रक्रिया
समीक्षा बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सड़कों के सौंदर्यीकरण को लेकर चल रही कवायद की विस्तार से जानकारी दी। कंसल्टेंट नियुक्त होने के बाद अब दिल्ली की 100 फीट चौड़ाई वाली करीब 540 किलोमीटर लंबी सड़कों का यूरोपियन देशों की तर्ज पर सौंदर्यीकरण किया जाएगा। कंसल्टेंट को डिटेल प्लान के साथ सड़कों की डिजाइन बनाकर देने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद टैंडर आदि की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू कर दी जाएगी।
7 सड़कों के री-डिजाइन को मंजूरी
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सड़कों को री-डिजाइन करने की परिकल्पना की है, ताकि राजधानी की सड़कें भी दुनिया के विकसित देशों की राजधानी की सड़कों की तरह खुबसूरत दिखें। सीएम अरविंद केजरीवाल के नवंबर 2019 में पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली कुछ सड़कों को री-डिजाइन करने की मंजूरी दी थी। इसके तहत दिल्ली सरकार ने 100 फीट चौड़ी और 540 किलोमीटर लंबी सड़क को यूरोपीयन शहरों की तर्ज पर खूबसूरत बनाने का फैसला किया है। अभी पायलट प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली की 7 सड़कों को री-डिजाइन करने को मंजूरी दी गई है।
सड़कों के री-डिजाइन से दूर होंगी सभी समस्याएं
सड़कों के री-डीजाइन करने से अभी कोई सड़क चार लेन से तीन लेन की हो जाती है या छह लेन से चार लेन की हो जाती है। इससे अचानक सड़क पर एक जगह वाहनों का दबाव बढ़ जाता है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। सड़कों के री-डिजाइन के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी और सड़क एक समान चौड़ी दिखेगी, इससे जाम की समस्या खत्म हो जाएगी। सड़क किनारे या आस-पास की सड़कों का स्पेस खत्म करके उस जगह का अच्छे से इस्तेमाल किया जाएगा।
सड़क पर हरियाली बढ़ेगी, नालों में री-हार्वेस्टिंग सिस्टम लागू होगा
दिल्ली में अभी सड़कों के किनारे हरियाली का दायरा कम है। सड़कों के री-डिजाइन के बाद फुटपाथ पर पेड़ लगाने के लिए जगह होगी और ग्रीन बेल्ट के लिए भी जगह होगी। आटो व ई-रिक्शा के लिए अलग से जगह और स्टैंड दिया जाएगा। सड़क के स्लोप व नालों को री-डिजाइन व री-कंस्ट्रक्ट किया जाएगा। नालों के अंदर री-हार्वेस्टिंग सिस्टम लगे होंगे। सड़क के स्लोप को ठीक किया जाएगा, ताकि बारिश के पानी को जमीन में री-चार्ज किया जा सके। स्ट्रीट फर्नीचर लगेंगे, जंक्शन को ठीक किया जाएगा और सड़क पर कोई खुला स्पेस नहीं होगा।
घास लगा कर सड़कों से खत्म किया जाएगा धूल का प्रदूषण
सड़कों के री-डिजाइन के बाद सड़क के आस-पास एक इंच जमीन भी खाली नहीं होगी, जहां पर घास न लगी हो, ताकि सड़क पर धूल से प्रदूषण बिल्कुल न हो। अभी सड़कों पर धूल उड़ने की समस्या है, जिससे लोगों को प्रदूषण की समस्या होती है। सड़क के किनारे खाली जमीन पर ग्रीन बेल्ट या घास लगाई जाएगी, ताकि हरियाली की वजह से सड़कें खूबसूरत दिखें और धूल से होने वाला प्रदूषण कम किया जा सके।
री-डिजाइन सड़कों पर यह प्रमुख सुविधाएं होंगी:
- रिक्शा के लिए पार्किंग
- पार्किंग के लिए स्थान चिंहित
- ग्रीन बेल्ट
- पब्लिक ओपन स्पेश
- साइकिल लेन
- पैदल पाथ लेन
- सड़क की दीवारों पर विभिन्न तरह की डिजाइन का डिस्प्ले होगा।
- सड़क के बगल में पार्क होगा तो उसे दीवार से ढका नहीं जाएगा, ताकि सड़क से पार्क की खूबसूरती दिखे।












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