दिल्ली में फैल रहे कोरोना संक्रमण ने पड़ोसी राज्यों की बढ़ाई चिंता, यूपी-पंजाब ने लिए अहम फैसले
नई दिल्ली। देश की राजधानी में कोरोना वायरस ने भयानक रफ्तार पकड़ ली है। शुक्रवार को यहां नए केसेज की संख्या पुराने सारे रेकॉर्ड्स तोड़ दिए। शुक्रवार को दिल्ली में 2,137 लोग पॉजिटिव केस दर्ज किए। दिल्ली में कोरोना से हो रही मौतों के बेहद ही डरा देने वाले आंकड़े सामने आ रहे हैं। दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों की हालत जानवरों से बुरी है...सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान शुक्रवार यह टिप्पणी की। दालत ने कहा है कि दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है। होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है। दिल्ली के मौजूदा हालातों को देखते हुए अब, न केवल दिल्ली के निवासी, बल्कि पड़ोसी राज्य भी भयभीत दिख रहे हैं और वे अब एहतियाती कदम उठाने लगे हैं।

यूपी पहला राज्य था जिसने दिल्ली से सटे अपने बॉर्डर सील कर दिए थे
इसकी पहली बानगी यूपी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से देखने को मिली। लॉकडाउन 4 में जहां राज्यों ने आर्थिक और अन्य गतिविधियां शुरू की थी, वहीं यूपी पहला राज्य था जिसने दिल्ली से सटे अपने बॉर्डर सील कर दिए थे। इसके बाद हरियाणा ने फरीदबाद औऱ गुरुग्राम से सटे दिल्ली बॉर्डर को सील कर दिया था। यूपी सरकार ने कहा था,दिल्ली में नोएडा-गाजियाबाद के मुकाबले 40 गुना अधिक मरीज हैं। नोएडा और गाजियाबाद में कोरोना से 40 मौत हुई है, वहीं दिल्ली में यह आंकड़ा 1000 के पार है। इसलिए हम वर्तमान स्थिति में आवाजाही की अनुमति देकर अपनी सीमा को खोलने का जोखिम नहीं उठा सकते हैं।
Recommended Video

हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार के फैसले पर उठाए थे सवाल
यूपी सरकार ने दिल्ली सरकार द्वारा कोरोना संक्रमित लोगों को होम क्वारंटाइन करने के फैसले पर चिंता जाहिर की थी, हालांकि नोएडा में घर की जगह संस्थागत क्वारंटाइन पर सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल थे। सुप्रीम कोर्ट ने लोगों को होम क्वारंटाइन के बजाय संस्थागत क्वारंटाइन में भेजने की बात कही है। कोर्ट ने कहा, कोई भी आदेश राष्ट्रीय दिशा-निर्देश से अलग नहीं हो सकता। ऐसा हुआ तो अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

पड़ोसी राज्यों की बढ़ी चिंता
वहीं दूसरी ओर दिल्ली में लगातार बढ़ रहे कोरोना मामलों ने राजस्थान और पंजाब की चिंता बढ़ा दी है। पंजाब सरकार ने गुरुवार को कहा कि, दिल्ली से ही हर रोज 500 से 800 वाहन पंजाब आ रहे हैं। दिल्ली व दूसरे राज्यों से पंजाब लौटने वाले लोगों को पंजाब के बॉर्डर पर ही पुलिस द्वारा रोक लिया जाएगा। जहां पर दूसरे राज्यों से लौटने वालों के उनके राज्य द्वारा जारी किया गया मेडिकल सर्टिफिकेट दिखाना होगा। अगर किसी के पास सर्टिफिकेट नहीं है तो उसे वापस भेज दिया जाएगा। इसके बाद लौटने वाले व्यक्ति के मोबाइल में कोवा एप डाउन लोड करवाई जाएगी। जहां से उसे घर में एकांतवास में 14 दिनों के लिए रहना होगा। दिल्ली में कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या और बेड की कमी के चलते वहां के मरीज अब पंजाब आना शुरू हो गए हैं। ताजा मामला पटियाला से आया है।












Click it and Unblock the Notifications