दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अब 120 की स्पीड में वाहन दौड़ाया तो घर ऑटोमेटिक पहुंच जाएगा चालन
Delhi-Mumbai Expressway speed limit: दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड की वजह से होने वाले एक्सीडेंट को रोकने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने बड़ा कदम उठाया है।
अब दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर निर्धारित अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रतिघंटा से ज्यादा में वाहन दौड़ाने पर वाहन चालक को जुर्माना भरना पड़ेगा।

दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर लगे एएनपीआर कैमरों को नेशनल इंफोर्मेटिक सेंटर के इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से इंटीग्रेटेड कर दिया गया है।
इसके जरिए अब निर्धारित गति 120 किलोमीटर प्रतिघंटा से अधिक वाहन चलाने पर वाहन मालिक के घर ऑटोमेटिक चालान पहुंच जाएगा।
एनएचएआई ने दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर नई व्यवस्था अगस्त से शुरू कर दी है। इसे अलवर व दौसा के बीच पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।
एक अगस्त से 25 अगस्त तक ओवर स्पीड के 3 हजार 104 चालान वाहन चालकों के घर भेजे जा चुके हैं। अब इन्हें ऑनलाइन जुर्माना भ्रना पड़ेगा।
बता दें कि दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे पर ओवरस्पीड के लिए कार-जीप का एक हजार, बस-ट्रक का 1500 रुपए जुर्माना निर्धारित है। दौसा-अलवर के बीच यह नई व्यवस्था कारगर साबित हुई तो इसे एक्सप्रेस-वे के बाकी हिस्सों पर भी लागू किया जा सकता है।
चालान कटने के बाद वाहन चालक को उससे संबंधित कोई भी शिकायत करने के लिए 15 दिन का वक्त मिलेगा। वाहन चालक मैसेज में आए ऑनलाइन लिंक के जरिए शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
मसलन आपका वाहन दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस वे पर गया ही नहीं और आपके चालान कटने का मैसज आए तो शिकायत करने पर सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर चालान नहीं भरना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि 17 माह पहले दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे शुरू किया गया है। इस पर वाहनों की आवाजाही कम होने के कारण ओवरस्पीड के खूब मामले सामने आते हैं। ओवरस्पीड हादसों का कारण भी बनती है। बीते 17 माह में इस एक्सप्रेस-वे पर सड़क हादसों में 98 लोगों की मौत हो चुकी है।












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