'मेरी बच्ची के कपड़े गीले और होंठ नीले पड़े हुए थे...', मासूम की मां ने बताई श्मशान की आखोंदेखी
दिल्ली में श्मशान के अंदर हुई 9 साल की मासूम बच्ची की संदिग्ध मौत के मामले में उसकी मां ने एक बड़ा खुलासा किया है...
नई दिल्ली, 5 अगस्त: 'अब इन खिलौनों से कौन खेलेगा...?' ये शब्द हैं उस मां के, जिसकी 9 साल की मासूम बेटी की चार दिन पहले देश की राजधानी दिल्ली के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित एक श्मशान घाट में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महज एक कमरे के बने घर में मां की निगाहें बार-बार अपनी बेटी के खिलौनों को देख रही हैं। कमरे में एक तरफ सफेद रंग के छोटे जूते भी रखे हैं, जिनपर नजर पड़ते ही भीगी आंखों से मां कहती है, 'मेरी बेटी बहुत होशियार थी, घर में सबको हंसाती रहती थी...'। अपनी मासूम बच्ची को खो चुकी इस मां ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ अपना दर्द बयां किया है।

घर से कुछ दूरी पर ही स्थित है वो श्मशान घाट
9 साल की मासूम की मौत के इस मामले ने पूरी दिल्ली को हिलाकर रख दिया है। सियासी दलों के नेता पीड़ित परिवार का दुख बांटने के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन अपनी बेटी को खो चुकी ये मां अभी तक उसके जाने का यकीन नहीं कर पा रही है। पीड़ित परिवार के एक पड़ोसी ने बताया, 'उस लड़की की मां अक्सर पास में ही बनी दरगाह के पास बैठकर भीख मांगती थी, या फिर कचरा इकट्ठा कर और उसे बेचकर अपना गुजारा करती थी। लड़की के पिता बेरोजगार हैं।' जिस श्मशान में बच्ची की मौत हुई, वो उसके घर से कुछ दूर सड़क पार ही स्थित है।
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'तुम रोकर शोर मत मचाओ, वरना...'
रविवार शाम को बच्ची की मां दरगाह के पास ही बैठी थी और उसके पिता सब्जी लेने गए थे। मां ने बताया, 'मेरी बेटी खेल रही थी और श्मशान में लगे वाटर कूलर से ठंडा पानी लेने के लिए गई थी। कुछ देर बाद ही श्मशान के पंडित जी और कुछ और लोग मेरे पास आए और मुझे बताया कि मेरी बेटी मर गई है। मैं श्मशान की तरफ दौड़ी, तो पंडित जी ने मुझे बताया कि मेरी बेटी को बिजली का करंट लगा है। उन्होंने मुझसे कहा कि तुम रोकर शोर मत मचाओ, वरना पुलिस आकर तुम्हारी बच्ची को ले जाएगी और पोस्टमार्टम करके उसके अंगों को बेच देगी।'

'उन्होंने मुझसे कागजों पर साइन करने के लिए कहा'
पीड़ित मां ने आगे बताया, 'मेरी बच्ची के कपड़े गीले थे और उसके होंठ नीले पड़ गए थे...मैं उसे देखते ही बेहोश हो गई। बाद में उन लोगों ने मुझसे खाना खाने के लिए कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। तब तक उन्होंने मेरी बेटी के शव को आग लगा दी थी। उन्होंने मुझसे कुछ कागजों पर साइन करने के लिए कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया। पंडित जी ने मुझसे कहा कि तुम चुपचाप अपने घर जाकर सो जाओ और सुबह आकर अपनी बेटी की अस्थियां यमुना में विसर्जन के लिए ले जाना। लेकिन, तब तक इलाके के कुछ लोग और पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। जब तक आग बुझाई गई, उसका आधा शरीर जल चुका था।'

मामले में ये 4 लोग किए गए गिरफ्तार
मौके पर पहुंची पुलिस ने श्मशान के पुजारी राधे श्याम और तीन अन्य लोगों- कुलदीप कुमार, लक्ष्मी नारायण और मोहम्मद सलीम को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने इस मामले को क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। मासूम की मां को शक है कि उसकी बच्ची के साथ रेप हुआ है। वहीं, बच्ची की मौत की जांच के लिए बनाए गए मेडिकल बोर्ड ने पुलिस को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि वो रेप की पुष्टि या मौत के कारण का पता नहीं लगा सकते, क्योंकि शव के जले हुए अवशेष से कोई ज्यादा जानकारी नहीं मिली है।

'हम पहुंचे तो चार लोग भागने की कोशिश कर रहे थे'
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या के अलावा पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज किया है। इलाके में ही रहने वाले अजीत कुमार ने बताया, 'हमें रात को करीब 9 बजकर 20 मिनट पर खबर मिली कि श्मशान में एक बच्ची को जलाया जा रहा है। हम लोगों को अपनी बाइक से वहां पहुंचने में केवल 5-6 मिनट लगे। जब हम वहां पहुंचे तो चार लोग श्मशान से भागने की कोशिश कर रहे थे। हमने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वो हमसे हाथापाई करने लगे।'

'मेरे पति निर्दोष हैं'
वहीं, गिरफ्तार किए गए एक आरोपी लक्ष्मी नारायण की पत्नी किरन ने इस मामले में बताया, 'वो निर्दोष हैं। मेरे पति पेंटर का काम करते हैं और उस दिन शाम को 6 बजे से 6:30 के बीच घर आए थे। उन्होंने मुझे कुछ पैसे दिए और फिर दाढ़ी बनवाने के लिए निकल पड़े। हमने आखिरी बार तभी उन्हें देखा था। हमने उन्हें फोन करने की कोशिश की, लेकिन उसके बाद उनका फोन नहीं मिला। सोमवार को मुझे पुलिस थाने से फोन आया कि आकर अपने पति का पर्स और मोबाइल ले जाओ। थाने में मैं अपने पति से मिली और उन्होंने मुझे बताया कि वो केवल देखने गए थे कि वहां क्या हो रहा है।'

लोगों में रोष, दोषियों के लिए फांसी की मांग
इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है और आरोपियों के लिए फांसी की मांग हो रही है। बुधवार को दरगाह से कुछ दूरी पर लोगों ने विरोध प्रदर्शन के लिए दो टैंट भी लगाए, लेकिन बाद में मौके पर पहुंची सेना ने एक नोटिस देकर प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने के लिए कहा। प्रदर्शनकारियों से कहा गया कि स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए इस तरह टैंट लगाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।

मामले को लेकर गरमाई सियासत
आपको बता दें कि बुधवार को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और उनके लिए न्याय की मांग की। वहीं, इस मामले में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने राहुल गांधी के ऊपर पीड़ित परिवार की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया। संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी इस दुखद घटना का इस्तेमाल अपने राजनीतिक हित के लिए कर रहे हैं। इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीड़ित परिवार से मिलने के बाद घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश देते हुए 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
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