Delhi Liquor Policy Case के फैसले पर बोलीं के कविता, 'सच की जीत हुई, मुझे पहले दिन से न्याय पर पूरा भरोसा था'
Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली शराब नीति मामले पर कोर्ट के फैसले के बाद पूरे देश में सियासी बयानों का दौर शुरू हो गया है। इस मामले में तेलंगाना जागृति की अध्यक्ष के. कविता (K. Kavitha) को भी जेल जाना पड़ा था। तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी और इस मामले में एक आरोपी रहीं के. कविता ने फैसले पर संतोष जताते हुए कहा कि मुझे उम्मीद थी कि एक दिन न्याय जरूर होगा। कोर्ट के हालिया फैसले के बाद उन्होंने कहा कि यह निर्णय सच की जीत और राजनीतिक साजिश की हार है।
उन्होंने कहा कि अदालत ने दिल्ली आबकारी नीति मामले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। कोर्ट ने साफ कर दिया कि अभियोजन पक्ष के मूल तर्क भी आधारहीन थे। उन्होंने कहा कि इस झूठे केस की वजह से मुझे बहुत कुछ गंवाना पड़ा, जिसमें अपने परिवार और बच्चों से दूरी भी शामिल है।

Delhi Liquor Policy Case: के कविता ने कोर्ट का आभार जताया
बीआरके भवन में किसान आयोग के चेयरमैन कोदंडराम रेड्डी और सदस्यों से मुलाकात कर गडवाल, निजामाबाद और खम्मम जिलों के किसानों की समस्याओं पर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद मीडिया से बातचीत में कविता ने कहा, 'मैंने पहले दिन से कहा था कि यह झूठा मामला है और मैं बेदाग बाहर आऊंगी। आज कोर्ट के फैसले ने इस बात को साबित कर दिया।' बता दें कि इस केस की वजह से तेलंगाना की राजनीति में भी काफी बवाल हुआ था और विपक्षी दलों ने बीआरएस के भ्रष्टाचार को निशाना बनाया था।
K Kavitha फैसले पर हुईं भावुक, याद किए मुश्किल दिन
कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए के. कविता काफी भावुक हो गईं। उन्होंने यह भी कहा, 'कानूनी राहत से बीते साढ़े पांच महीनों की पीड़ा कम नहीं हो सकती। मुझे परिवार और बच्चों से जबरन दूर रखा गया, चरित्र हनन और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। मेरी गरिमा और परिवार के साथ बिताया समय कोई वापस नहीं ला सकता।'
BRS पर भी साधा निशाना, लगाए आरोप
उन्होंने बीआरएस की विधानसभा चुनाव में हार को आबकारी केस से जोड़ने की कोशिशों पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा, 'तेलंगाना की जनता का अपमान है कि हार का ठीकरा मेरे सिर फोड़ा जाए। उपार्टी की हार का कारण रोजगार, आवास और कल्याण योजनाओं पर वादाखिलाफी, टिकट वितरण में गलतियां और नेतृत्व का अहंकार था।' बीआरएस में राजनीतिक उत्तराधिकार को लेकर मचे घमासान के बाद के. कविता ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इसी साल मई में अपनी नई पार्टी का गठन करेंगी।
उन्होंने बीआरएस के राजनीतिक उत्तराधिकारी केटीआर पर हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश की राजनीतिक वास्तविकताओं को स्वीकार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के समय वरिष्ठ नेतृत्व की ओर सेसमर्थन नहीं मिला। एक महिला नेता को निशाना बनाने की कोशिशों का जवाब दिया जाएगा और वह सार्वजनिक जीवन में सक्रिय रहकर किसानों और जनता के मुद्दे उठाती रहेंगी।












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