दिल्लीः 12 हजार संपत्तियों को किया जा सकता है सील, जानिए कौन से हैं ये इलाके

नई दिल्लीः इस महीने के आखिरी तक दिल्ली में 45 शरणार्थी कॉलोनियों की कम से कम 12000 आवासीय संपत्तियों को सीलिंग का सामना करना पड़ सकता है। इन पर जमीन के उपयोग में कानून के उल्लंघन करने का आरोप है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त की गई समिति ने कलकाजी, जंगपुरा, लाजपत नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर, मुखर्जी नगर, सुभाष नगर और तिलक नगर जैसे कॉलोनियों की पहचान की है।

 45 आवासीय कॉलोनियां पर लटकी है तलवार

45 आवासीय कॉलोनियां पर लटकी है तलवार

दिल्ली में 45 आवासीय कॉलोनियां ऐसी हैं, जिनकी जमीन को साल 1947 में पाकिस्तान से भारत आए शरणार्थियों के पुनर्वास के लिए दिया गया था। बाद में इस जमीन को केंद्र सरकार भूमि और विकास ऑफिस को 1950 में स्थानांतरित कर दिया गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने बनाई थी समिति

सुप्रीम कोर्ट ने बनाई थी समिति

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्ति की गई समिति के एक सदस्य का कहना है कि कि वो केंद्र सरकार भूमि और विकास ऑफिस के आधिकारिक दस्तावेजों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद मार्च के महीने में सीलिंग में कार्रवाई की जाएगी।

आठ मार्च को की गई थी सीलिंग

आठ मार्च को की गई थी सीलिंग

समिति के एक सदस्य ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि हमने कानून के उल्लंघन के बारे में जानकारी एकत्र की है, जिसके बाद आठ मार्च को लाजपत नगर में सीलिंग की कार्रवाई की थी। एकत्रित जानकारी में लाजपत नगर के कम से कम 24 ब्लॉक शामिल हैं, जिन्हें अब अमर कॉलोनी के रूप में जाना जाता है।

इस महीने हो सकती है कार्रवाई

इस महीने हो सकती है कार्रवाई

एल एंड डी द्वारा जारी किए गए मूल पट्टे के अनुसार, प्रत्येक ब्लॉक में 64 फ्लैट्स हैं (32 भूमि तल पर और बाकी 32 को पहली मंजिल पर) जिन्हें रहने के लिए जमीन दी गई थी लेकिन बाद में कई लोगों ने गैरकानूनी रूप से दुकाने खोल ली हैं और साथ ही घर के आगे की जमीन पर भी कब्जा कर लिया।

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