दिल्ली दंगा: भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ FIR को लेकर याचिका दायर, आज हाईकोर्ट में सुनवाई
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट गुरुवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा जिनमें भड़काऊ भाषण देने वाले नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। इन याचिकाओं में कहा गया है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए), 2019 के प्रदर्शन के दौरान जिन नेताओं ने कथित तौर पर नफरत फैलाने वाले भाषण दिए थे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। आपको बता दें दिल्ली में जब नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था, उसी दौरान फरवरी महीने में यहां सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे।

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इन दंगों में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 400 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इनमें से एक याचिका में भाजपा नेता कपिल मिश्रा, अनुराग ठाकुर और परवेश वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है। हालांकि कपिल मिश्रा ने भड़काऊ भाषण देने वाले आरोप को खारिज कर दिया है। एक अन्य याचिका में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं पर दंगों से पहले भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है। वहीं 26 फरवरी को ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क ने सिविल सोसाइटी एक्टिविस्ट हर्ष मंदेर की ओर से याचिका दायर की थी, जिसमें कपिल मिश्रा और अनुराग ठाकुर के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने को लेकर मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
लॉयर्स वॉइस नाम एक संगठन ने अपनी याचिका में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं पर भी यही आरोप लगाए हैं। वहीं याचिका दायर करने वाली एक अन्य पार्टी जमियत उलमा-ए-हिंद है। जिसने कहा है कि दिल्ली पुलिस को 23 फरवरी और 1 मार्च के बीच के दंगा प्रभावित क्षेत्रों के बंद सर्किट टीवी (सीसीटीवी) फुटेज को संरक्षित करने का निर्देश दिया जाए।
हाल ही में इस मामले में उमर खालिद को गिरफ्तार किया गया था। जानकारी के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आने के पहले दिए भाषण और आरोपियों के साथ हुई बातचीत के कॉल रिकार्ड व मीटिंग और आरोपियों के बयानों में साजिशकर्ता बताते हुए उमर खालिद की गिरफ्तारी हुई है। उमर खालिद की गिरफ्तारी यूएपीए के तहत हुई है। सूत्रों के मुताबिक उमर खालिद को समन देकर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। कई घंटों की पूछताछ के बाद उमर खालिद को गिरफ्तार किया गया।












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