किसी भी आरोपी महिला का वर्जिनिटी टेस्ट है अमानवीय और असंवैधानिक: दिल्ली हाईकोर्ट

वर्जिनिटी टेस्ट को दिल्ली हाईकोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया है। कोर्ट ने कहा कि ये अनुच्छेद 21 का सीधे तौर पर उल्लंघन है।

kerala
Photo Credit: Pixabay

'वर्जिनिटी टेस्ट' को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने कहा कि ये गरिमा के अधिकारी का सीधे तौर पर उल्लंघन है, साथ ही ये अमानवीय, कामुक और असंवैधानिक है। इस तरह के टेस्ट को करने के लिए कोई कानूनी बाध्यता भी नहीं है। कोर्ट ने ये भी माना कि ये टेस्ट लैंगिक भेदभाव को बढ़ावा देता है।

दरअसल एक नन ने दिल्ली हाईकोर्ट में वर्जिनिटी टेस्ट को लेकर याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने 1992 में केरल में एक नन की मौत से संबंधित आपराधिक मामले के सिलसिले में उनका 'वर्जिनिटी टेस्ट' कराए जाने को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की थी। इस याचिका पर सभी पक्षों को सुनने के बाद जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि ऐसी कोई कानूनी बाध्यता नहीं है जो इस तरह के परीक्षणों को आयोजित करने के लिए कहती है।

जस्टिस शर्मा के मुताबिक पुलिस हिरासत या न्यायिक हिरासत में किसी महिला कैदी का वर्जिनिटी टेस्ट करना संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है, जिसमें गरिमा का अधिकार शामिल है। कोर्ट ने साफ किया कि अगर कोई महिला आरोपी बनाई जाती है, तब भी संविधान द्वारा उसको दिया गया गरिमा का अधिकार मौजूद रहता है। ऐसे में उसके साथ ये टेस्ट नहीं हो सकता।

वर्जिनिटी टेस्ट क्या है?
इस टेस्ट के जरिए ये पता लगाया जाता है कि क्या महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाया गया था। इस टेस्ट में डॉक्टर महिला के प्राइवेट पार्ट की जांच करते हैं। इसी से जुड़ा एक टेस्ट टू फिंगर टेस्ट भी है, जिसे पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट ने पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया था।

Recommended Video

    Two-Finger Test पर Supreme Court ने लगाई रोक, क्या होता 'टू-फिंगर टेस्ट' | वनइंडिया हिंदी *News

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+