महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बरकरार! बंगला बेदखली आदेश पर रोक लगाने की मांग दिल्ली HC से खारिज
निष्कासित लोकसभा सांसद और तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा की सरकारी आवास खाली कराने की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी गई।
इससे पहले बुधवार को, टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा को नई दिल्ली में सरकार द्वारा आवंटित आवास खाली करने के लिए नया नोटिस मिला था। आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत संपत्ति निदेशालय द्वारा मोइत्रा को दिया गया।

यह तीसरा नोटिस है, जिसमें उन्हें अपना आधिकारिक बंगला खाली करने के लिए कहा गया है और यह ' कैश-फॉर-क्वेरी' मामला' के संबंध में उन्हें लोकसभा से निष्कासित किए जाने के तुरंत बाद आया है।
संपदा अधिकारी और संपदा निदेशक (मुकदमेबाजी) के कार्यालय के नोटिस में कहा गया है कि आवेदक ने दिनांक 8 जनवरी 2024 के पत्र के माध्यम से सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जेदारों की बेदखली) अधिनियम, 1971 के प्रावधानों के तहत आपके खिलाफ बेदखली की कार्यवाही शुरू करने का अनुरोध किया है। शहरी विकास मंत्रालय ने इस साल 11 जनवरी को महुआ को दूसरा नोटिस दिया।
टीएमसी नेता ने राष्ट्रीय राजधानी में उनके सरकारी आवास को रद्द करने वाले संपत्ति निदेशालय द्वारा जारी नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। याचिका में कहा गया है कि 11 दिसंबर, 2023 को उन्हें एक नोटिस जारी किया गया था, जिसमें उन्हें 7 जनवरी 2024 तक घर खाली करने का निर्देश दिया गया था। अन्यथा सार्वजनिक परिसर (अनधिकृत कब्जेदारों की बेदखली अधिनियम) 1971 (पीपी अधिनियम 1971) के तहत कार्यवाही की जाएगी।) आरंभ करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।












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