Covid-19: हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा- नाइट या वीकेंड कर्फ्यू पर क्या है विचार, तो मिला ये जवाब
नई दिल्ली। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया है कि उसने अभी तक किसी तरह का कर्फ्यू लगाने पर कोई फैसला नहीं किया है। लेकिन अभी कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए इसपर विचार कर रही है। सरकार की तरफ से हाई कोर्ट को ये जवाब तब दिया गया जब कोर्ट ने उससे पूछा कि क्या वह अन्य शहरों की तरह रात को या फिर वीकेंड पर कर्फ्यू लगाने की कोई योजना बना रही है। दिल्ली में वायरस की स्थिति को लेकर ये सुनवाई जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने की है।

कोर्ट ने दिल्ली में कोविड-19 टेस्टिंग सुविधाओं को बढ़ाने की मांग करने वाली याचिका पर सुनवाई की। हालांकि राजधानी दिल्ली में बीते हफ्ते से कोरोना वायरस के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली थी लेकिन आम आदमी पार्टी सरकार ने लोगों की आवाजाही पर किसी तरह की रोक नहीं लगाई। लेकिन शादी जैसे समारोह में मेहमानों की संख्या को 200 से कम करते हुए 50 कर दिया गया। इसके साथ ही मास्क ना पहनने पर जुर्माना 500 रुपये से बढ़ाकर 2 हजार रुपये कर दिया गया।
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी दोहराते हुए कहा कि लॉकडाउन ही कोई उपाय नहीं है, इससे केवल संक्रमण के प्रसार में देरी होगी। हालांकि गुरुवार को हुई सुनवाई में सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह रात में कर्फ्यू लागू करने पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। कोर्ट ने दिल्ली सरकार की स्टेटस रिपोर्ट को देखकर भी बुरी तरह फटकार लगाई और कहा कि हम बेड की कुल संख्या भी नहीं पढ़ पा रहे हैं और जरूरी जानकारी भी स्पष्ट नहीं है। प्रिंटिंग ठीक से नहीं है, जिसके कारण इसे पढ़ा नहीं जा रहा है।
आपको बता दें दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यहां बुधवार तक कोरोना वायरस के 38,287 सक्रिय मामले हैं। सक्रिय मामलों का मतलब होता है कि वर्तमान में कितने लोग ऐसे हैं, जो कोरोना वायरस से संक्रमित हैं। क्योंकि कुल मामलों में रिकवर लोगों और वायरस से मरने वाले लोगों की संख्या भी शामिल होती है। यह पूछे जाने पर कि कोविड-19 के बारे में जागरूकता कैसे फैलाई जा रही है, सरकार ने कहा कि उसने रेजिडेंट वेल्फेयर असोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के साथ ग्रुप मीटिंग की है। कोर्ट ने कहा कि इस तरह की बैठकों में आने वाले ज्यादा लोग कोविड-19 सप्रेडर्स भी बन सकते हैं। साथ ही पूछा कि सरकार मार्किट असोसिएशंस और आरडब्लूए तक कैसे पहुंच रही है और इन्हें कोविड प्रबंधन रणनीति में शामिल करने के लिए सरकार की क्या योजना है।
कोर्ट ने ये भी कहा, 'आप यह कैसे सुनिश्चित कर रहे हैं कि लोग शादी के आदेश की धज्जियां उड़ा रहे हैं? आपको इन उल्लंघनों के बारे में कैसे पता चलेगा? आपका प्रोटोकॉल क्या है? शादी का मौसम चल रहा है, आपका यह सुनिश्चित करने के लिए एक प्रोटोकॉल होना चाहिए कि इनकी जांच हो सके और अन्य कार्य किए जा सकें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि चेकिंग ठीक से हो रही है।'
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