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रोहित शेखर हत्याकांड: चार्जशीट पर कोर्ट ने लिया संज्ञान, अगली सुनवाई 25 जुलाई को

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत के मामले में दायर चार्जशीट पर दिल्ली की साकेत कोर्ट ने संज्ञान ले लिया। मुख्य मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट दीपक सेहरावत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तारीख तय की है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने साकेत जिला अदालत की सीएमएम कोर्ट में अपूर्वा के खिलाफ 518 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल किया है। इसमें 56 गवाहों को सूचीबद्ध किया गया है।

गवाहों में रोहित की मां का नाम भी शामिल

गवाहों में रोहित की मां का नाम भी शामिल

गवाहों की इस सूची में रोहित शेखर की मां उज्जवला तिवारी का नाम भी शामिल है। पुलिस ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि अपूर्वा को शक था कि रोहित के अपनी भाभी से नाजायज संबंध थे और दोनों से एक बेटा भी है। ऐसे में अपूर्वा को शक था कि कहीं रोहित की संपत्ति भी शायद उस बेटे को दे दी जाएगी। इस हत्याकांड की जांच कर रही दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को हत्या की धारा में आरोप पत्र दाखिल किया था।

15-16 अप्रैल की रात हुई थी रोहित की हत्या

15-16 अप्रैल की रात हुई थी रोहित की हत्या

रोहित शेखर की हत्या 15-16 अप्रैल की रात में हुई थी। शुरुआती जांच में पुलिस ने बताया था कि उस रात को रोहित शेखर की उनके ही घर में गला दबाकर हत्या की गई थी। जांच में पुलिस को पता चला कि हत्या घर के ही किसी व्यक्ति ने की है। जिसके बाद पुलिस ने घर के लोगों से पूछताछ की थी। इसी पूछताछ और जांच के बाद पुलिस का रोहित शुक्ला की पत्नी अपूर्वा शुक्ला पर गहरा गया, आखिरकार अपूर्वा शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अपूर्वा ने पुलिस रिमांड में कई चौंका देने वाले खुलासे किए थे।

 पूछताछ में ही अपूर्वा ने कबूल दी थी हत्या वाली बात

पूछताछ में ही अपूर्वा ने कबूल दी थी हत्या वाली बात

पुलिस सूत्रों की माने तो रोहित की मौत के बाद जब अपूर्वा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसी समय ये साफ हो गया था कि हत्या वाली रात को दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े का कारण था कि उस रात रोहित अपनी एक महिला मित्र के साथ शराब पी रहा था और अपूर्वा ने उसे देख लिया था। अपूर्वा ने पूछताछ में बताया था कि उसने मैरेज साइट पर रोहित शेखर तिवारी को सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि उसे लगता था कि इससे उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं पूरी हो सकेंगी। उसे पता चला कि वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व राज्यपाल एन. डी. तिवारी का बेटा है और उसने अदालत में पितृत्व केस को जीता है।

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