दिल्ली: भड़काऊ नारेबाजी में पिंकी चौधरी को नहीं मिली अग्रिम जमानत, अदालत ने कहा- हम तालिबान स्टेट नहीं
दिल्ली: भड़काऊ नारेबाजी में पिंकी चौधरी को नहीं मिली अग्रिम जमानत, अदालत ने कहा- हम तालिबान स्टेट नहीं
नई दिल्ली, 23 अगस्त: दिल्ली के जंतर मंतर पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी करने के मामले में आरोपी पिंकी चौधरी की अग्रिम जमानत की अर्जी दिल्ली कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पिंकी चौधरी को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कोर्ट ने काफी सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि हमारे यहां तालिबान का शासन नहीं हैं। कानून का राज ही हमारे बहुसांस्कृतिक समाज में सबसे पवित्र शासन सिद्धांत है। ऐसे में इस तरह के लोगों को राहत नहीं दी जा सकती है।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी के मामले में पुलिस ने आईपीसी 153(ए) (अलग-अलग समुदायों में दुश्मनी पैदा करना) और 188 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस मामले में पुलिस ने पिंकी चौधरी को भी आरोपी बनाया है। चौधरी इस मामले के प्रमुख आरोपियों में से है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पिंकी ने कोर्ट से अग्रिम जमानत मांगी थी लेकिन उसको कोर्ट से राहत नहीं मिली है।
छह लोग हो चुके गिरफ्तार
8 अगस्त को जंतर-मंतर पर भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने एक कार्यक्रम बुलाया था। इस कार्यक्रम में एक समुदायल के लोगों के खिलाफ भड़काऊ नारेबाजी की गई थी। नारेबाजी का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दिल्ली पुलिस ने कई लोगों की पहचान कर मामले में एफआईआर दर्ज की। पुलिस इस मामले में अश्विनी उपाध्याय समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। हालांकि उपाध्याय को जमानत मिल चुकी है।
कौन है पिंकी चौधरी?
पिंकी चौधरी गाजियाबाद का रहने वाला है और हिंदू रक्षा दल नाम के एक संगठन का सदस्य है। चौधरी ने 2013 में यह संगठन बनाया था। पिंकी चौधरी अल्पसंख्यक विरोधी बयानों के लिए पहले भी चर्चा में आया है। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रों की पिटाई के बाद भी पिंकी ने वीडियो जारी कर इसकी जिम्मेदारी ली थी। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमले की कोशिश में भी पिंकी चौधरी का नाम आ चुका है।
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