नोट छापने की मशीन खरीदना चाहता था पुलिसवाले का बेटा, लग गई 46 लाख की चपत
नई दिल्ली। दिल्ली में एक सहायक उप-निरीक्षक (एएसआई) का बेटा अचानक लापता हो गया था जिससे हड़कंप मचा हुआ था। पुलिस की टीम उसकी तलाशी में जुटी हुई थी और उसका पता लगाने की कोशिश कर रही थी। इस बीच पुलिस को सफलता हाथ लगी और एएसआई का बेटा वृंदावा से बरामद किया गया। दरअसल, वह वहां छिपकर बैठा हुआ था। उसने पुलिस को पूरी बात बताई कि कैसे वो 46 लाख की ठगी का शिकार हुआ। उसकी बात सुनकर पुलिस के होश उड़ गए।

नोट बनाने की मशीन खरीदने की कोशिश की थी
इस एएसआई के बेटे ने नोट बनाने की मशीन खरीदने की कोशिश की जिसके लिए उसने ढेरों पैसे जुटाने में लग गया। उसने लोगों से उधार ले-लेकर पैसे जमा किए। लेकिन उसको मशीन तो नहीं मिली और वह एक ठगी को अंजाम देने वाले गिरोह के चंगुल में फंस कर 46 लाख रुपए गंवा बैठा। पुलिस को उसने पूरी घटना बताई जिसके बाद दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

46 लाख रुपये की ठगी का शिकार हुआ ASI का बेटा
पुलिस ने मुंबई के रहने वाले दो बदमाशों को 46 लाख रुपये की ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए विमल राजेश पाटिल और सूरज इस गिरोह के सदस्य हैं और देशभर में लोगों को अलग-अलग लालच देकर ठगने का काम करते थे। वे नोट छापने वाली मशीन देने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूलते थे। पुलिस ने बताया कि पैसे मिलने के बाद, गिरोह के सदस्य बहाना बना देते थे कि मशीन टूट गई है और अधिक अब दूसरी मशीन के लिए थोड़ा सा वक्त चाहिए। इसके बाद वे वहां से फरार हो जाते थे।

उधार लेकर बटोरे थे 46 लाख रुपए
आरोपी विमल पाटिल और सूरज कुमार को बुधवार को दिल्ली की एक अदालत से पेश किया गया, जहां से दोनों को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, 46 लाख रुपए का नुकसान उठाने वाले पीड़ित ने लोगों से पैसे उधार लिए थे और वह इसको लेकर काफी डरा हुआ था। इसलिए वह घर से भागकर छिप गया था।












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