Delhi Bomb Blast: मोदी कैबिनेट ने आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की बात दोहराई, क्या बड़ा एक्शन लेगी सरकार?
Delhi Bomb Blast: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में दिल्ली में हुए बम धमाके को एक आतंकी घटना करार दिया गया है। कैबिनेट ने इस हमले को राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा की गई कायरतापूर्ण हरकत बताया। इसके साथ ही सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी 'जीरो टॉलरेंस' नीति को दोहराया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
महत्वपूर्ण बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे।

केंद्र सरकार ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार देते हुए कार विस्फोट में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया गया। मृतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट का मौन भी रखा गया। सरकार ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाला कृत्य बताया।
मोदी सरकार ने इसे जघन्य आतंकवादी घटना घोषित की
कैबिनेट ने दिल्ली विस्फोट की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया और जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट प्रस्ताव पढ़ते हुए बताया कि "देश विरोधी ताकतों ने 10 नवंबर को लाल किले के पास एक कार में विस्फोट किया। यह एक जघन्य आतंकवादी घटना है।" बैठक के दौरान लाल किला विस्फोट की जांच, सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट और भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर गहन समीक्षा की गई। वैष्णव ने कहा इस घटना को राष्ट्र-विरोधी ताकतों ने अंजाम दिया।।
आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की बात दोहराई
सरकार ने पहली बार राजधानी में हुए इस घातक विस्फोट को "आतंकी घटना" के रूप में स्वीकार किया है। कैबिनेट ने इस "कायरतापूर्ण कृत्य" की कड़ी निंदा की, जिसने निर्दोष लोगों की जान ले ली। प्रस्ताव में भारत की "आतंकवाद के सभी रूपों के प्रति शून्य सहिष्णुता" की नीति के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
पीएम मोदी के साथ शाह और राजनाथ सिंह की हुई बैठक
बैठक के बाद, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री आवास गए। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ लगभग आधे घंटे तक अलग से मुलाकात भी की।
ऑपरेशन सिंदूर के पहले भी हुई थी सीसीएस की बैठक
प्रधानमंत्री मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर और 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भी CCS की बैठकें बुलाई थीं। वहीं अब दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम विस्फोट जैसी आतंकी घटना के बाद पीएम मोदी ने ये अहम बैठक की है, इसलिए ऑपरेशन सिंदूर-2 जैसा कमद उठाए जाने को लेकर अनुमान लगाए जाने लगे हैं।
हिंसा के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त
मंत्रिमंडल इस हिंसा के पीड़ितों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करता है।" कैबिनेट ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की और चिकित्सा कर्मियों एवं आपातकालीन प्रतिक्रियाकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की, जिन्होंने पीड़ितों को सहायता प्रदान की।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अधिकारियों, सुरक्षा एजेंसियों और नागरिकों की समय पर एवं समन्वित प्रतिक्रिया की भी सराहना की। कैबिनेट ने निर्देश दिया कि इस घटना की जांच 'अत्यंत तत्परता और व्यावसायिकता' के साथ की जाए, ताकि दोषियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर उन्हें बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जा सके।












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