दिल्ली: प्रदूषण को देखते हुए मेट्रो का बड़ा कदम, आज से चल रहीं 20 अतिरिक्त ट्रेनें
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरनाक लेवल पर पहुंच गया है। जिसकी वजह से लोगों को निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का प्रयोग करने को कहा जा रहा। इसके चलते दिल्ली मेट्रो ने भी ट्रेनों की संख्या बढ़ा दी है।
मामले में एक अधिकारी ने कहा कि दिल्ली और उसके पड़ोसी शहरों के लोगों को सार्वजनकि परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में दिल्ली मेट्रो आज (3 नवंबर) से अपने नेटवर्क पर 20 अतिरिक्त ट्रेन चला रही।

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) गुरुवार शाम 5 बजे 402 पर था, जिसके बाद केंद्र के प्रदूषण नियंत्रण पैनल ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के चरण III को लागू किया, जो सर्दियों के मौसम के दौरान क्षेत्र में लागू किया जाता है।
मामले में डीएमआरसी ने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण से निपटने के लिए जीआरएपी-III चरण के कार्यान्वयन के मद्देनजर डीएमआरसी 3 नवंबर 2023 (आज) से अपने नेटवर्क में 20 अतिरिक्त यात्राएं जोड़ेगी।
दिल्ली मेट्रो पहले से ही 25 अक्टूबर से कार्यदिवसों (सोमवार-शुक्रवार) पर 40 अतिरिक्त ट्रेन यात्राएं चला रही है, जब GRAP-II चरण लागू हुआ था। ऐसे में आज से अतिरिक्त ट्रेनों की संख्या 60 हो गई है।
उठाए जा रहे जरूरी कदम
वहीं केंद्र के प्रदूषण नियंत्रण पैनल ने गुरुवार को दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी। साथ ही डीजल से चलने वाले ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश जारी किया।
शुक्रवार को दिल्ली के कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 500 से ऊपर रिकॉर्ड किया गया है, जिसका मतलब है कि राजधानी में वायु प्रदूषण अति गंभीर श्रेणी में पहुंच चुका है। वायु प्रदूषण को लेकर दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि प्रदूषण के लिए दिल्ली की जनता को जिम्मेदार ठहराना गलत है। वायु प्रदूषण के हालात केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि नोएडा, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी गंभीर हैं। इसके लिए केवल दिल्ली के लोगों को दोष देना ठीक नहीं। दिल्ली एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां डीजल जनरेटर पर प्रतिबंध है। नोएडा और गुरुग्राम में तो बिजली की ज्यादातर सप्लाई ही जनरेटर से है। दिल्ली में सीएनजी और इलेक्ट्रिक बसें चलती हैं। क्या हरियाणा और यूपी के पास इलेक्ट्रिक बसें हैं?












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