Delhi Assembly Election: दिल्ली चुनाव को लेकर घमासान, उमर अब्दुल्ला ने कहा-खत्म कर दो गठबंधन
Delhi Assembly Election: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि वे आगामी दिल्ली विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ मजबूत रणनीति तैयार करें।
उमर अब्दुल्ला ने कहा, "हमारा दिल्ली के चुनावों से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन AAP, कांग्रेस और अन्य पार्टियों को सोचना होगा कि भाजपा को कैसे हराया जाए।" उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना दिलचस्प होगा कि इस बार दिल्ली के लोग क्या फैसला लेते हैं।

'गठबंधन का मतलब सिर्फ चुनाव नहीं'
उमर अब्दुल्ला के पिता और वरिष्ठ नेता फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि गठबंधन का उद्देश्य सिर्फ चुनावी जीत नहीं है। उन्होंने कहा, "गठबंधन देश को मजबूत करने और नफरत को खत्म करने के लिए होते हैं। जो लोग इसे सिर्फ संसदीय चुनावों तक सीमित समझते हैं, उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए।"
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5 फरवरी को होंगे दिल्ली चुनाव
आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 5 फरवरी को होंगे और मतगणना 8 फरवरी को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 जनवरी है, जबकि 20 जनवरी तक नाम वापस लिए जा सकते हैं।
दिल्ली का राजनीतिक परिदृश्य
दिल्ली में कांग्रेस ने 15 साल तक शासन किया, लेकिन हाल के वर्षों में उसे कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। पिछले दो चुनावों में कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाई। इसके विपरीत, आम आदमी पार्टी ने 2020 के चुनावों में 70 में से 62 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा सिर्फ 8 सीटों तक सीमित रह गई।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल भाजपा के खिलाफ चुनावी लड़ाई में किस रणनीति के साथ आगे बढ़ते हैं। उनकी तैयारी और रणनीति का असर चुनावी नतीजों पर साफ दिखेगा।
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