फरिश्ते दिल्ली के: OLA-UBER के साथ मिलकर केजरीवाल सरकार बचाएगी घायलों की जान
नई दिल्ली। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को नजदीकी अस्पताल तक पहुंचाने के लिए दिल्ली सरकार ने कैब सर्विस देने वाली ओला और उबर कंपनियों के साथ मिलकर एक पहल की है। इसके तहत ओला और उबर अपने कैब और आटो ड्राइवरों को ट्रेनिंग देंगे, जिसमें उन्हें समझाया जाएगा कि कैसे वो सड़क पर किसी घायल को देख उसे नजरअंदाज ना करें बल्कि मदद करें। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इसको लेकर ओला और उबर को एक एजवाइजरी भी भेजी है।

स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया है कि कैब सर्विस प्रोवाइडर एक लॉगो भा लगाएंगे, जिस पर 'दिल्ली के असली हीरो बनिए' लिखा होगा। ये मुसाफिरों को सरकार की घायलों को अस्पताल पहुंचाने की स्कीम के प्रति जागरुक करेगा। इस पूरा योजना का मकसद है कि कोई भी घायल सड़क पर दम ना तोड़े, उसे जल्दी से जल्दी अस्पताल पहुंचाया जाए और इलाज मिले।
ओला उबर को घायलों की मदद के लिए जागरुक और संवेदनशील करने की ये स्कीम केजरीवाल सरकार की 'फरिश्ते दिल्ली के' योजना का ही हिस्सा है। दिल्ली सरकार ने एक साल के ट्रायल के बाद इसी महीने फरिश्ते दिल्ली के योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सड़क हादसों में घायल होने वाले लोगों का इलाज किसी भी अस्पताल में निशुल्क किया जाएगा। इलाज का पूरा खर्चा दिल्ली सरकार वहन करेगी। योजना के तहत दिल्ली के निजी अस्पताल भी सड़क हादसे में घायल व्यक्ति का इलाज करने से मना नहीं कर सकते।
'फरिश्ते दिल्ली के' अभियान के तहत सड़क हादसे में घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक की पहचान गुप्त रखी जाती है। उससे ना पुलिस कोई पूछताछ करेगी और ना ही अस्पताल में उससे कोई सवाल जवाब किया जाएगा। इतना ही नहीं उसे दो हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा।
इस अभियान को लेकर केजरीवाल का कहना है कि हर नागरिक की जान हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए इस योजना की शुरुआत की है। इससे घायलों की जान बचाने में मरीज की आर्थिक स्थिति आड़े नहीं आएगी। डेढ़ वर्ष पहले दिल्ली सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत सड़क हादसों, जले हुए लोगों और एसिड अटैक पीड़ितों को दिल्ली के किसी भी अस्पताल में तुरंत इलाज देने का प्रावधान किया गया है। इलाज का सारा खर्च दिल्ली सरकार उठाएगी।












Click it and Unblock the Notifications