'मैं अधिकारी के आने का इंतजार कर रहा था, तभी अचनाक...', दिल्ली एयरपोर्ट हादसे में बाल-बाल बचने वालों की आपबीती

Delhi airport roof collapse News: दिल्ली में 28 जून की सुबह भारी बारिश के कारण आईजीआई एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 के फोरकोर्ट में लगी छत गिर गई, जिससे एक कैब ड्राइवर की मौत हो गई और आठ लोग घायल हो गए। ये और भी बड़ा हादसा हो सकता था क्योंकि चश्मदीदों ने बताया कि घटना के समय मौके पर करीब 100 लोग मौजूद थे।

अब इस हादसे में बाल-बाल बचे कुछ कैब ड्राइवरों ने अपनी आपबीती बताई है। कैब ड्राइवर 28 वर्षीय संतोष यादव जो हादसे में बाल-बाल बचे। उन्होंने कहा कि, एयरपोर्ट की छत एकदम अचानक से गिर गई थी।

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कैब ड्राइवर बोले- 'जैसे ही एयरपोर्ट की छत गिरी, मैं और फ्लैग ऑफिसर भागे'

कैब ड्राइवर संतोष यादव ने बताया,

''मैंने सेना भवन से एक नौसेना अधिकारी को एयरपोर्ट ले गया था। साथ में एक फ्लैग ऑफिसर भी था। सुबह करीब 5 बजे मैंने नौसेना अधिकारी को एयरपोर्ट पर छोड़ा। मैं और फ्लैग ऑफिसर दूसरे अधिकारी के आने का इंतजार कर रहे थे, तभी अचानक छत गिर गई। हम दोनों अपनी जान बचाने के लिए भागे और कार को वहीं छोड़ दिया। मेरे सिर पर कंक्रीट का एक हिस्सा लगा था। जिसकी वजह से मेरा सिर फट गया।"

कैब ड्राइवर संतोष यादव साक्षी ट्रैवल्स नामक कैब सर्विस के लिए काम करते हैं और अक्सर मंत्रालय के लिए नियमित सेवा प्रदाता है। उनका कहना है कि सफदरजंग अस्पताल भेजे जाने से पहले उन्हें टी1 पर मेदांता अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिया गया। लाडो सराय निवासी संतोष कहते हैं, "मुझे दोपहर करीब 2 बजे छुट्टी मिल गई।"

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एयरपोर्ट के हाउसब्वॉय ने कहा- मुझे तो कुछ याद नहीं

घायलों में 34 वर्षीय अरविंद भी शामिल है, जिसका इलाज बसई धारा स्थित ईएसआई अस्पताल में चल रहा है। अरविंद ने कहा, "मैं एयरपोर्ट पर हाउसबॉय का काम करता हूं। मेरे सहकर्मी मुझे यहां लेकर आए हैं। मेरे सिर पर चोट लगने के कारण मैं बात भी नहीं कर पा रहा हूं। मुझे अच्छे से कुछ याद नहीं।''

एयरपोर्ट प्रबंधन के कर्मचारी 44 वर्षीय योगेश धवन का कहना है कि उन्हें मामूली चोटें आई हैं। 25 वर्षीय दशरथ अहिरवार कहते हैं, "मैं अभी भी अस्पताल में हूं और इलाज करवा रहा हूं।"

मृतकों के परिजनों को 20 लाख रुपये का मुआवजा

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने मृतकों के परिवार के लिए 20 लाख रुपये और घायलों के लिए 3-3 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की। हादसे के कारणों की जांच के लिए, DIAL द्वारा एक तकनीकी समिति का गठन किया गया है, जो जल्द से जल्द एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

हवाईअड्डा सूत्रों के मुताबिक मामूली रूप से घायल लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता के लिए दिल्ली हवाईअड्डे के मेदांता सेंटर ले जाया गया था। जबकि गंभीर रूप से घायल लोगों को ईएसआई अस्पताल और इंडियन स्पाइनल इंजरी सेंटर में शिफ्ट किया गया था, जहां से उन्हें सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया गया।

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