Delhi Airport Accident के बाद केंद्र सख्त, दिए कड़े निर्देश, कहा- 7 दिन के अंदर दें रिफंड, ना बढ़ाएं किराया
Delhi Airport Accident: दिल्ली में भारी बारिश के बाद हवाई अड्डे की छत गिरने और एयरपोर्ट पर एक शख्स की मौत के मामले को केंद्र सरकार ने गंभीरता से लिया है। हादसे के बाद अब तक लिए गए एक्शन और एयपोर्ट पर व्यवस्था को लेकर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक रिव्यू मीटिंग ली। इस अहम बैठक के दौरान एविएशन मिनिस्ट्री ने एयरलाइंस के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एविएशन मिनिस्ट्री की ओर से ली गई रिव्यू मीटिंग में शीर्ष अधिकारियों ने हादसे बाद लिए गए एक्शन और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किए जाने वाले प्रयासों की जानकारी दी।

बैठक में मंत्रालय को अधिकारियों ने कई बड़े अपडेट दिए। जिसमें कुछ अहम निर्णय भी भी शामिल हैं, जो निम्न हैं-
- एयरपोर्ट के टी2 और टी3 टर्मिनलों के सुचारू संचालन के लिए एविएशन मिनिस्ट्री 24/7 वॉर रूम स्थापित करेगी।
- रद्द की गई उड़ानों का पूरा रिफंड सुनिश्चित करेगा या उपलब्धता के अनुसार वैकल्पिक ट्रैवल रूट टिकट प्रदान करेगा।
- सभी रिफंड 7 दिनों की निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएंगे।
- एयरलाइंस को टर्मिनल बंद होने के कारण हवाई किराया न बढ़ाने की सलाह जारी की गई है।
दिल्ली में आधीरात हुई बारिश के कई परेशानियां खड़ी कर दीं। इस दौरान दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 पर सुबह के वक्त यहां गाड़ियों का लाइन लगी थी कि तभी अचानक से पार्किंग की छत गिर गई और कई गाड़ियां इसकी चपेट में आ गईं। वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत आपातकालीन सेवाओं को मदद के लिए कॉल किया। अधिकारियों ने बताया कि छत के अलावा बीम भी गिर गई, जिससे टर्मिनल के 'पिकअप और ड्रॉप' क्षेत्र में खड़ी कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे में एक शख्स की मौत भी हो गई।
वहीं दूसरी ओर दिल्ली एयरपोर्ट हादसे पर कांग्रेस ने केंद्र की मोदी सरकार को निशाने पर लिया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि जब उन्होंने दिल्ली हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के पास एक इमारत का उद्घाटन किया था तो मोदी ने उनके शासन की प्रशंसा की थी। हालांकि, केंद्र ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी ने किसी अन्य इमारत का उद्घाटन किया था, न कि उस इमारत का।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर हुई दुर्घटना ने पीएम मोदी के उन दावों की पोल खोल दी है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व के कांग्रेस के शासन की बेहतर बताया और कहा कि पूर्व की यूपीए सरकार के दौरान इंफ्रस्टक्चर के निर्माण की क्वालिटी कई गुना बेहतहर थी और तब भारत के पास विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा था।












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