Defence partnership: भारत-अमेरिका ने औद्योगिक सहयोग की संभावनाएं टटोलीं, रक्षा सचिव ने बताई अहमियत
Defence partnership में भारत और अमेरिका नया अध्याय लिखेंगे। दोनों देशों की रक्षा साझेदारी के बारे में सचिव गिरिधर अरमाने ने जानकारी दी। उन्होंने बताया, रक्षा औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने में हुई प्रगति की समीक्षा की।

Defence Partnership: रक्षा सचिव गिरिधर अरमाने और नीति के लिए अमेरिका के अवर सचिव डॉ कॉलिन कहल ने 17 मई को वाशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका रक्षा नीति समूह (डीपीजी) की 17वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की।
दोनों पक्षों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने और भारत-अमेरिका प्रमुख रक्षा साझेदारी का संचालनमें हुई प्रगति की समीक्षा की। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दोनों देशों के बीच सैन्य-से-सैन्य सहयोग, मूलभूत रक्षा समझौतों के कार्यान्वयन पर मंथन हुआ।
इसके अलावा भारत-अमेरिका सैन्य अभ्यास और हिंद महासागर क्षेत्र में चल रही और भविष्य की सहकारी गतिविधियों जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी चर्चा की गई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रौद्योगिकी साझेदारी, दीर्घकालिक अनुसंधान एवं विकास पर भी भी चर्चा हुई।
दोनों देशों की आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा में सुधार सहित रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के तरीकों और साधनों पर काफी ध्यान दिया गया। रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, बैठक में संभावित क्षेत्रों और परियोजनाओं सहित भारत में सह-विकास और सह-उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
इसके अलावा उन क्षेत्रों में भी संभावनाएं टटोलीं गईं जहां भारतीय और अमेरिकी रक्षा कंपनियां एक साथ काम कर सकती हैं। वे निजी और सरकारी दोनों हितधारकों को नवाचार पारिस्थितिक तंत्र का उपयोग करने और रक्षा स्टार्ट-अप को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहित करने पर सहमत हुए।












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