रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण पहुंचीं शहीद औरंगजेब के घर पुंछ, परिवारवालों से की मुलाकात
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को इंडियन आर्मी के शहीद जवान औरंगजेब के घर पहुंची और उनके परिवारवालों से मुलाकात की। उनसे पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, राइफलमैन औरंगजेब के घर गए थे और उनके परिवारवालों से मिले थे। 14 जून को औरंगजेब को आतंकियों ने किडनैप कर लिया था।
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पुंछ। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण बुधवार को इंडियन आर्मी के शहीद जवान औरंगजेब के घर पहुंची और उनके परिवारवालों से मुलाकात की। उनसे पहले आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत, राइफलमैन औरंगजेब के घर गए थे और उनके परिवारवालों से मिले थे। 14 जून को औरंगजेब को आतंकियों ने किडनैप कर लिया था। इसके बाद शाम को गोलियों से छलनी उनका शव पुलवामा से 10 किलोमटर दूर गुसू गांव में मिला था। राइफलमैन औरंगजेब 4 जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के जवान थे लेकिन शोपियां के शादीमर्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल्स के कैंप के साथ अटैच्ड थे।

क्या बोलीं रक्षा मंत्री
रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने औरंगजेब के परिवार वालों से मुलाकात के बाद कहा कि वह शहीद के परिवार से मिलने आई थी। उन्होंने उनके साथ कुछ समय भी बिताया। इसके बाद वह सिर्फ एक ही संदेश देना चाहती है कि यहां एक परिवार है और एक शहीद है जो पूरे देश के लिए प्रेरणा है। औरंगजेब के चाचा भी देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर चुके हैं। औरंगजेब के चाचा को साल 2004 में आतंकवादियों ने मार डाला था। शहीद जवान के पिता भी सेना से रिटायर्ड हुए हैं।
औरंगजेब के 5 भाई हैं जिनमें से एक भारतीय सेना में है जबकि चार पढ़ाई कर रहे हैं। औरंगजेब के सबसे छोटे भाई मोहम्मद असन ने भी सेना में जाने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि वो सेना मे भर्ती हो कर भाई का बदला लेंगे और कश्मीर में हर आतंकवादी को मारेंगे। सूत्रों की मानें तो औरंगजेब की हत्या के पीछे पाकिस्तान की इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई का हाथ हो सकता है। इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी) के सूत्रों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक पाकिस्तानी इंटेलीजेंस एजेंसी आईएसआई घाटी में इंडियन आर्मी की ओर से चलाए जा रहे एंटी-टेरर ऑपरेशंस को लेकर काफी नाराज है।












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