आखिरकार खत्म हुआ साध्वी निरंजन ज्योति पर सदन में गतिरोध
नई दिल्ली। साध्वी निरंजन ज्योति के विवादास्पद बयान के बाद पिछले एक हफ्ते से राज्यसभा में चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। राज्यसभा के उप-सभापति पीजे कुरियन ने इस बारे में बयान जारी करके कहा कि पीएम के बयान को सदन की भावना मानकर इसे स्वीकार किया जाना चाहिए। साथ ही भविष्य में सभी सांसदों को ऐसे बयान से बचने की कोशिश करनी चाहिए।

राज्यसभा में सभापति हामिद अंसारी ने सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद सभी पार्टियों के साथ बैठक करके अपील की चुंकि प्रधानमंत्री ने स्वयं सदन में इसपर बयान दिया है ऐसे में सदन की कार्यवाही को चलने दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस तरह के बयान की भर्त्सना करते हैं साथ ही कहा कि भविष्य में सभी सांसदों को बयान देते समय सतर्क रहना चाहिए।
आपको बता दें कि आज भी राज्यसभा की कार्यवाही शुरु होते ही साध्वी के बयान को लेकर जोरदार हंगामा हुआ था। जिसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। सदन की कार्यवाही शुरु होते ही कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा ने यह मुद्दा उठाने की अनुमति मांगी। इस पर सदन के नेता अरुण जेटली ने उपसभापति से कहा कि आनंद शर्मा को इस शर्त पर अनुमति दी थी कि अपनी बात कहने के बाद वह शून्यकाल चलने देंगे। अब क्या वह शून्यकाल चलने दे रहे हैं।
वहीं सदन के नेता के इस सवाल पर कुरियन ने कहा यह मेरा आग्रह है। इस पर शर्मा ने कहा कि विपक्ष पिछले सप्ताह से साध्वी निरंजन ज्योति के बयान के मुद्दे पर अपना विरोध जता रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि सदन में सामान्य ढंग से कामकाज हो और महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का सदस्यों को मौका मिल सके।
वहीं लोकसभा में इस मुद्दे पर बने गतिरोध के आज समाप्त होने का संकेत देते हुए कांग्रेस सहित तृणमूल कांग्रेस, वामदल, सपा, राजद तथा अन्य दलों ने प्रश्नकाल में हिस्सा लिया। सरकार ने सदन की कार्यवाही चलाने में सहयोग के लिए विपक्ष को धन्यवाद दिया।












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