DCGI की एक्सपर्ट कमेटी ने की Sputnik लाइट वन शॉट की सिफारिश: सूत्र
नई दिल्ली, 4 फरवरी: पिछले दो सालों से देश में कोरोना महामारी का कहर जारी है, जिस वजह से अब तक 5 लाख से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच शुक्रवार रात एक और राहत भरी खबर आई, जहां ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की विषय विशेषज्ञ समिति (SEC) ने रूस की स्पुतनिक लाइट वन शॉट की सिफारिश की है। वहीं भारत सरकार ने पहले ही स्पुतनिक को मंजूरी दे दी थी, जिसकी दो डोज लोगों को लगाई जा रही है।

पिछले साल डॉक्टर रेड्डी लैब ने रसियन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट फंड के साथ साझेदारी की थी। इसके बाद दोनों ने मिलकर स्पुतनिक लाइट का ट्रायल किया और उसके आंकड़े मुहैया करवाए। द लैंसेट की एक रिपोर्ट के मुताबिक स्पुतनिक लाइट कोरोना के खिलाफ 78.6-83.7 फीसदी सक्षम है जोकि कोरोना की दो वैक्सीन की तुलना में बेहतर है। इसके इस्तेमाल से कोरोना के मरीज की अस्पताल में भर्ती होने की संभावना 82.1-87.6 फीसदी तक कम हो जाती है।
ये होंगे फायदे
स्पुतनिक वी और स्पुतनिक लाइट में बहुत फर्क है। मौजूदा वक्त में भारत में स्पुतनिक वी की दो डोज लोगों को दी जा रही है, जबकि स्पुतनिक लाइट की एक ही डोज कोरोना के खिलाफ काफी है। इसकी मंजूरी के बाद कम खर्च में लोगों का टीकाकरण होगा और स्वास्थ्य केंद्रों पर लोगों की भीड़ भी कम हो जाएगी।
65 प्रतिशत किशोरों को लगा टीका
पिछले महीने मोदी सरकार ने 15-18 आयुवर्ग के लिए टीकाकरण शुरू किया था। इसके तहत अब तक 65 प्रतिशत किशोरों को कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक दे दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में वैक्सीनेशन आंकड़ा 1,68,47,16,068 (168.47 करोड़) हो गया है।












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