अबू सालेम से नाराज है दाऊद इब्राहिम
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सालेम को प्रदीप जैन बिल्डर हत्या मामले में विशेष अदालत के उम्रकैद की सजा सुनाने से आजमगढ़ में मायूसी जरूर छा गई होगी। सलेम को 2005 में पुर्तगाल से भारत लाया गया था। कोर्ट ने सालेम को पुर्तगाल से लाने के लिए हुई प्रत्यर्पण संधि की शर्तों को नहीं माना और इन शर्तों के परे जाकर उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
सालेम से नाराज दाऊद
अबू सालेम 1997 तक माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम की गैंग से जुड़ा रहा। सलेम ने दाऊद को बिना बताए फिल्म निर्माता गुलशन कुमार की हत्या करा दी थी। इससे दाऊद नाराज हो गया। इसके बाद सलेम दाऊद की गैंग से अलग हो गया। वह 1993 के मुंबई ब्लास्ट मामले में आरोपी है।
बटला हाउस कनेक्शन
आजमगढ़ कभी सरहद पार छिपे बैठे डॉन दाऊद इब्राहिम कि रिश्तेदारी के लिए सुर्खी में आता रहा तो कभी डॉन अबू सलेम का घर होने की वजह से। दिल्ली के बटला हाउस मुठभेड़ के बाद तो ये दाग और गहरा हो गया क्योंकि इसमें मारे गए और फरार आतंकियों का रिश्ता भी आजमगढ़ से है। आजमगढ़ में अब भी सालेम के बहुत से रिश्तेदार रहते हैं।
जिस जिले की पहचान कभी अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध, राहुल सांकृत्यायन और कैफी आजमी से होती थी, अब उसका रिश्ता आतंकी धमाकों से जोड़ जाता है। जिले की पहचान बदलने की कोशिश में जुटे लोगों के लिए सालेम को लेकर आया फैसला किसी सदमे की तरह होगा।
बता दें कि साल 2010 में भी सलेम पर जेल में हमला हुआ था। उस वक्त वह आर्थर रोड जेल में था। हमला मुस्तफा दौसा ने किया था। आर्थर रोड जेल में हमले के बाद उसे तलोजा जेल में शिफ्ट किया गया था। सलेम पिछले दो साल से तलोजा केन्द्रीय कारागृह में कैद है।













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